पूर्ण शास्तीकर माफी को लेकर भूतपूर्व विधायक विलास लांडे आक्रमक

सिर्फ पिंपरी चिंचवड़ में शास्ती कर का अट्टहास क्यों?
पिंपरी। संपूर्ण शास्ती कर माफी को लेकर भोसरी विधानसभा के प्रथम विधायक विलास लांडे ने आक्रामक रुख अपनाया है। पूरे राज्य में कहीं भी शास्ती कर यानी अवैध निर्माण कार्य के लिए तीन गुना प्रॉपर्टी टैक्स, नहीं लिया जा रहा है फिर अकेले पिंपरी चिंचवड़ के लिए इसका अट्ठाइस क्यों किया जा रहा है? यह सवाल उठाते हुए उन्होंने पिंपरी चिंचवड शहर में संपूर्ण शास्ती कर माफी, एक हजार वर्ग फीट के आगे के अवैध निर्माण कार्य के लिए शास्ती कर माफी का फैसला होने तक  रिहायशी, वाणिज्य व औद्योगिक निर्माणकार्यों से शास्तीकर छोड़कर मूल प्रॉपर्टी टैक्स लेने और लघु उद्यमियों से भी मूल प्रॉपर्टी टैक्स लेने की मांग की है।
पिंपरी चिंचवड शास्तीकर निर्मूलन समिति के अध्यक्ष रहे विलास लांडे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मनपा आयुक्त राजेश पाटिल से मुलाकात की। शहर में एक हजार वर्ग फुट से अधिक के अवैध निर्माणों के लिए शास्ती कर माफ करने का निर्णय लेने तक मनपा को केवल मूल प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना चाहिए।  ताकि नागरिकों के पास बकाया न हो, मूल टैक्स का भुगतान करने के लिए जून 2021 तक एक्सटेंशन दिया जाय, अनधिकृत निर्माणों पर शास्ती कर माफ करें, आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए शास्ती कर माफ करें आदि मांगे की गई।

उन्होंने सवाल उठाया कि अकेले पिंपरी चिंचवड़ मनपा में जुर्माना क्यों जब अन्य मनपाओं में कोई शास्ती कर नहीं है? पूर्ण शास्ती कर माफी का प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार के पास भेजने और  टैक्स बकाया है एक निर्णय सरकार के स्तर पर पुनर्विचार के लिए लंबित है। सरकार की ओर से कोई फैसला न होने पर भी दंडात्मक कर लगाने पर जोर क्यों है?  यह मांग की गई कि तत्काल बैठक आयोजित की जाए और दंडात्मक कर की पूर्ण माफी के बारे में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।

गुंठेवारी कानून 2008 में बंद किया गया था उसकी मियाद दिसंबर 2020 तक बढाकर सभी अवैध निर्माण कार्य नियमित करने की मांग इस बैठक में की गई। इस बैठक में पूर्व विधायक विलास लांडे, राष्ट्रवादी काँग्रेस केशहराध्यक्ष संजोग वाघेरे, शिक्षा मंडल के पूर्व सभापति धनंजय भालेकर, पूर्व नगरसेवक विनायक रणसुभे, पूर्व सरपंच गणपत आहेर, चिखली लघुउद्यमी संगठन के अध्यक्ष तात्यासाहेब सपकाल, राजेंद्र चेडे, विलास नढे, उदय पाटील, आतिश बारणे, प्रवीण शिंदे, प्रमोद ताम्हणे आदि उपस्थित थे।

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