पूर्व CM और TDP सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे नारा लोकेश घर में नजरबंद

जगन सरकार के विरोध में बुलाई थी रैली

धारा-144 लागू

Loading...

समाचार ऑनलाइन- आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे नारा लोकेश समेत तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कई बड़े नेताओं को आज (बुधवार) सुबह से नजर बंद कर दिया गया है. इतना ही नहीं यहाँ के कई संवेदनशील क्षेत्रों में धारा-144 भी लागू कर दी गई है. क्योंकि नायडू, जगन सरकार पर राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाते हुए आज ‘चलो अटमाकुर’  रैली का आयोजन करने जा रहे थे. लेकिन पुलिस ने इस रैली को यह कहते हुए प्रतिबंधित कर दिया कि, टीडीपी ने राजनीतिक रैली करने के लिए अनुमति नहीं ली थी. यही नहीं पुलिस ने मीडिया पर भी चंद्रबाबू नायडू से मिलने पर रोक लगा दी है.

हालांकि इस बड़ी कार्रवाई के बाद से राज्य की राजनीती में जैसे भूचाल आ गया है. पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी व्याप्त है. इतना ही नहीं एक बार फिर सत्तारूढ़ पार्टी विपक्षियों के निशाने पर आ गई है.

बता दें कि चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे नारा लोकेश अपने समर्थकों के साथ सरकार के विरोध में अपने आवास पर सुबह 8 बजे से भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिसे बाद में दबा दिया गया. तय योजना के अनुसार चंद्रबाबू नायडू सुबह 8 बजे से लेकर 8 बजे तक भूख हड़ताल करने वाले हैं.

नारा लोकेश ने कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या

इस कार्रवाई के बाद अब नारा लोकेश का बयान सामने आया है. उन्होंने सरकार और पुलिस के इस कदम को तानाशाही का नाम दिया है और कथित कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया है.

उनका कहना है कि, “हमें एक अलोकतांत्रिक तरीके से रोका जा रहा है. साथ ही हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान किया जा रहा है. वाईएसआरसीपी के विधायक खुलेआम हमें धमकी दे रहे हैं, कह रहे हैं कि पुलिस उनके साथ है.”

इसलिए किया था रैली का आयोजन

पिछले कुछ दिनों से आंध्र प्रदेश में राजनैतिक पारा गरमाया हुआ है. टीडीपी दावा कर रही है कि, गत   तीन महीनों में उनके 8 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है. इनमें ज्यादातर गुंटुर जिले के अटमाकुर और पलनाडू क्षेत्र के थे. इसी के विरोध स्वरूप आज चंद्रबाबू ने अपने समर्थकों से बुधवार को गुंटुर से पलनाडू के अटमाकुर गांव तक रैली करने की अपील की थी.

You might also like

Comments are closed.