वन विभाग की उदासीनता की वजह से खडकवासला स्थित वन संपदा खतरे में

पुणे: खडकवासला गांव की सीमा में मोरटाका परिसर के जंगल में आग लगने के कारण सैंकड़ो एकर की वन संपत्ति जल कर खाक हो गई। जंगल में लगे आग को रोकने के लिए वन विभाग की ओर से कोई उपाय नहीं किए जाने के कारण यहाँ के सैंकड़ो हेक्टेयर की वन संपदा खतरे में आ गई है। इससे प्राकृतिक साधनो का नुकसान तो होता ही है साथ ही जंगल के पशु-पक्षियो का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है।

खडकवासला, नांदोशी, सणसनगर, सिंहगड, डोणजे आदि परिसर में बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र हैं। हर साल इस परिसर में आग लग कर सीसम, घास, बबूल, नीम, बबूल आदि अन्य पेड़ जल जाते हैं।  वन जीवो का रहना भी मुश्किल हो जाता है। परिणामस्वरूप मोर, हिरण, चीता, सांबर, ससा आदि प्राणियो व पक्षियो को अन्य जगह पर जाना पड़ता है।  किसानो का चारा भी जल कर खाक हो जाता है। पहाड़ी क्षेत्र, जल्स्त्रोतो का अभाव होने के कारण आग को काबू में करना मुश्किल होता है।  इसलिए जंगाल में आग ना लगे इसके लिए वनविभाग द्वारा उपाय योजना करने की मांग की जा रही है।

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