विधानसभा सत्र के पहले दिन पवार और फडणवीस के बीच तीखी नोकझोंक

महाराष्ट्र बजट सत्र 2021 के पहले दिन राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार और भाजपा के विपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच तीखी नोक झोंक हुई। मराठवाड़ा, विदर्भ वैधानिक विकास मंडल और राज्यपाल-नियुक्त विधायकों के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच विवाद छिड़ गया।

सत्र की शुरुआत के बाद, अजित पवार ने सदन में 2020-21 के मांगों को प्रस्तुत किया। इस पर विपक्ष ने बेंच पर खड़े होकर नारेबाज़ी की। साथ ही बीजेपी नेताओं ने ‘दादागिरी नहीं चलेगी’ के नारे भी लगाए। इस मौके पर भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने पूछा, “क्या इस सरकार ने संतुलित विकास का विचार कर निधि आवंटित किया है?” मुझे इस सदन के नियमों के अनुसार बोलने का अधिकार है। मराठवाड़ा, विदर्भ इस राज्य का हिस्सा है। वैधानिक विकास मंडल को दावपेच में नहीं फसना चाहिए। मुनगंटीवार ने कहा कि अजीत पवार ने 15 दिसंबर, 2020 को आश्वासन दिया था कि वह वैधानिक विकास बोर्ड गठित करेंगे। 72 दिन हो गए हैं, मुझे बताएं कि आप इसका गठन करने जा रहे हैं या नहीं ।

इस पर अजीत पवार ने जवाब दिया। हमारी सरकार की राय है कि विदर्भ मराठवाड़ा विकास मंडल बनना चाहिए। 8 तारीख के बजट में आपको पता चलेगा जो निर्णय हमने विकास बोर्ड के बारे में लिया है । हमने इसे जल्द से जल्द करने का फैसला किया है। 12 विधान परिषदों के नाम दिए गए हैं। जिस दिन उन विधान परिषदो के नाम घोषित किए जाएंगे, उसी दिन विकास बोर्ड की घोषणा भी की जाएगी।

उसके बाद देवेंद्र फड़णवीस बोलने के लिए उठे, उन्होने कहा कि जो अजित दादा के मन में था वही होठो पर आ गया। विधायकों के नाम पर विकास बोर्ड को बांधा जा रहा है। राज्यपाल किसी पार्टी के नहीं होते, वे राज्य के होते हैं। ऐसी भाषा का प्रयोग न करें, लोग आपको माफ नहीं करेंगे। हम अपना अधिकार मांग रहे हैं, भीख नहीं। जो भी अधिकार हमें संविधान में दिए गए हैं वो हमें मिलेंगे। मैं अजीत पवार के इस बयान का विरोध करता हूँ।

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