गिरफ्तारी के डर से मारणे और उसके साथी फरार

पुणे: सरकारी काम में रुकावट डालने के मामले में वारजे पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से कुख्यात अपराधी गजा उर्फ गजानन मारणे और उसकी पलटन फरार है। पुलिस उन्हे ढूंढ रही है। इसके लिए पुणे पुलिस ने अलग- अलग टीम बनायी है, लेकिन अभी तक कुछ पता नहीं चला है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के डर से मारणे और उसका साथी फरार है।

गजानन उर्फ गजा पंढरीनाथ मारणे(उम्र 55), प्रदीप दत्तात्रय कंधारे (उम्र 36), बापू श्रीमंत बागल (उम्र 34), आनंता ज्ञानोबा कदम (उम्र 37), गणेश नामदेव हुंडारे (39), रूपेश कृष्णराव मारणे (उम्र 38), सुनील नामदेव बनसोडे (उम्र 40), श्रीकांत संभाजी पवार (उम्र 34), सचिन आप्पा ताकवले (उम्र 32), संतोष शेलार फरार आरोपियो के नाम हैं।

तलोजा जेल से निकलने के बाद सैंकड़ो गाड़ियों के काफ़िले के साथ पुणे में एंट्री मारना गजानन मारणे और उसके साथियों को बहुत महँगा पड़ा। मारणे के समर्थन में प्रेम से ओत प्रेत होकर उसके समर्थको ने यह रैली निकाली। यह भी कहा जा रहा है कि लोगो में अपनी दहशत कायम रखने के लिए इस तरह के काम करने पड़ते हैं। इस रैली के कारण उन पर पुणे, पिंपरी और खालापुर पुलिस थाने में मामला दर्ज है।

पुणे पुलिस ने कोथरूड पुलिस थाने में दर्ज मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तारी की यह कारवाई ज्यादा देर तक नहीं चली। मारणे और उसके साथी जमानत पर छूट गये। उसके बाद वारजे मालवाडी में सरकारी काम में रुकावट डालने के जुर्म में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो पता चला कि मारणे और उसके साथी फरार हैं।

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