दिल्ली से पुणे आ रहा था फर्जी चेक, ‘ऐसे’ हुआ इस टोली का पर्दाफाश

नगर : अलग-अलग बैंक में से फर्जी चेक के द्वारा करोड़ो रुपये निकालने की कोशिश करनेवाले टोली का नगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नगर पुलिस ने इस टोली के मुखिया को दिल्ली में हथकड़ी पहनाई है।

विजेंद्रकुमार उर्फ विजेंद्र रघुनंदन सिंग दक्ष (नि. दक्षिणी दिल्ली) गिरफ्तार मुख्य आरोपी का नाम है। उसे पुणे के हस्तांकाना नगर पुलिस ने इससे पहले गिरफ्तार किया था।

फर्जी चेक तैयार कर बैंक से रकम निकालेवाली टोली को पिछले हफ्ते नगर पुलिस ने पकड़ा था। आरोपी नगर के स्टेट बैंक के सावेडी शाखा में ढाई करोड़ रुपये का फर्जी चेक लेकर आया था। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाकर तीन लोगो को गिरफ्तार किया। पुलिस ने विपुल नरेश वक्कानी (उम्र 40, नि. बीटी कवडे रोड, घोरपडी गांव पुणे), यशवंत दत्तात्रय देसाई (उम्र 49, नि. शाहूनगर, चिंचवड),नरेश रामचंद्र बालकोंडेकर (उम्र 33, नि. भोसरी) को गिरफ्तार किया गया है।

इन आरोपियो से पूछताछ के दौरान अन्य साथियो के बारे में जानकारी मिली। मिली जानकारी के आधार पर नगर पुलिस ने राहुल ज्ञानोबा गुलवे (नि. वाघोलि, पुणे) को गिरफ्तार किया। उससे जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह चेक उसके साथीदार विजेंद्र दक्ष ने दी थी। पुछताछ के दौरान गुलवे ने कुछ और बैंक के चेक संदीप भगत (नि. पुणे) व तुषार आत्माराम कंभारे (नि. वाघोली) के माध्यम से विविध बैंक में भरने की जानकारी दी।

पुलिस ने जब उसकी जांच की तो उसके पास से 6 मोबाईल, विविध कंपनियो व एजेंसी के नाम से पांच फर्जी स्टंप, चेक पर डालने वाला अकाऊंट पे ओन्ली का मुहर, स्मॉल फाईनेंस बैंक, आंध्रा बैंक, एडीएफसी बैंक, एस बैंक, फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सीस बैंक, आजरा अर्बन को. बैंक, इन बैंको के खाली चेक बुक साथ ही अलग-अलग नाम से भरे हुए रकम वाले कुछ चेक मिले हैं। आरोपी जिस महंगी गाड़ी से नगर आए थे, उस गाड़ी को पुलिस ने जब्त किया है।

नगर स्थानीय क्राईम ब्रांच की टीम ने इस टोली के मुख्य सुत्रधार विजेंद्रदक्ष को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।  उसे नगर लाया गया। वहाँ कोर्ट में हाजिर किया तो उसे 7 मई तक पुलिस कस्टडी में रखन्र का आदेश दिया गया। आरोपी के महाराष्ट्र के साथ ही अन्य राज्य में अलग-अलग क्राइम करने की संभावना पुलिस जता रही है। आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक मिथुन घुगे कर रहे हैं।

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