सोलापुर में टायर जलाकर कृत्रिम बारिश का प्रयोग

सोलापुर। समाचार ऑनलाइन
कृत्रिम बारिश के लिए सोलापुर जिले में करोड़ों रुपए खर्चा कर विमान से धुआं छोड़ा गया, लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला। अब प्रशासन ने बारिश के लिए नया प्रयोग शुरू कर दिया है।  जिसमे लकड़ी और टायर जलाकर भीषण धुआं निकाला जायेगा। लेकिन इसका पर्यावरण प्रेमियों ने कड़ा विरोध किया है। इस तरह से टायर और लकड़ी जलाकर भीषण धुआं निकालने से वायु प्रदूषण बढ़ेगा, लेकिन प्रशासन द्वारा इसे शास्त्रीय प्रयोग का दावा किया गया। इस प्रयोग पर पर्यावरण प्रेमियों के तरफ से सोशल मीडिया में कड़ी टिप्पणी की जा रही है।
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22 सितंबर को प्रशासन की ओर से सोलापुर जिले में कृत्रिम बारिश के लिए 1024 गांव में हज़ारों क्विंटल लकड़ी और टायर जलाकर भीषण धुआं छोड़ा जायेगा। विज्ञान के नाम पर चल रहे इस प्रयोग को सफलता मिलेगी या नहीं  इस पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।  कृत्रिम बारिश की वजह से हज़ारों पेड़ की कटाई हुई है। इसके साथ ही भीषण धुआं से वायु प्रदुषण भी बढ़ जाएगा। इससे मुंबई और सोलापुर के पर्यावरण प्रेमियों को आहात हुआ है। विज्ञान के नाम पर इस तरह  प्रयोग कानूनी रूप से वैध है क्या ? ऐसा सवाल मयुरेश प्रभुणे ने किया है।
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सरकार ने कृत्रिम बारिश पर आश्वासन दिया है। जिसके बाद से अनेक प्रयत्न किये गए है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाया है।  इसके बाद अब भीषण वायु प्रदूषण कर कृत्रिम बारिश का प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि यह प्रयोग जिले के आयएएस अधिकारी के उपस्थित में किया जायेगा।
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