3 लाख रुपए की रिश्वत लेने के बाद भी लालच कम नहीं हुआ,  चार्टेड  अकाउंटेंट 50 लाख रुपए की रिश्वत लेते एसीबी के जाल में फंसा 

पुणे : समाचार ऑनलाइन – चार्टेड  अकाउंटेंट के  ऑडिट में गड़बड़ी हटाकर फौजदारी कार्रवाई नहीं करने के लिए 3 लाख रुपए की रिश्वत पहले ही ले ली थी . बाद में 50 हज़ार रुपए देना था . 50 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने जाल बिछकर गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी का नाम भगवंत नारायण बिडगर (56, चार्टेड अकाउंटेंट क्लास 1 ) है. बिडगर सहकारी संस्था कार्यालय में जिला विशेष  चार्टेड  अकाउंटेंट है.

इस मामले में एंटी क्रप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराने वाले प्रमणित प्राइवेट  चार्टेड  अकाउंटेंट है. संस्था की नियुक्ति पर उन्होंने एक सहकारी पतसंस्था का ऑडिट किया था. इस ऑडिट की गड़बड़ी को लेकर उसने शिकायतकर्ता को फौजदारी कार्रवाई की धमकी दी थी. फौजदारी कार्रवाई से बचने के लिए बिडगर ने 3 लाख 75 हज़ार रुपए की रिश्वत मांगी। इसमें से उसने 3 लाख रुपए पहले लिए.

इसके बाद वह 75 हज़ार रुपए की लिए शिकायतकर्ता को लगातार तगादा कर रहा था. इसके बाद शिकायतकर्ता ने एंटी क्रप्शन ब्यूरो में इसकी शिकायत कर दी. एसीबी की जांच उसने बिडगर ने माना की उसने 50 हज़ार रुपए लिए है. उसे बाकी के पैसे देने के लिए शनिवार की रात हड़पसर के पुल के नीचे बुलाया गया. एसीबी के पुलिस सुप्रीटेंडेंट राजेश बनसोडे के मार्गदर्शन में पुलिस ने हडपसर के पुल के नीचे जाल बिछाया। जैसे ही बिडगर ने शिकायतकर्ता से 50 हज़ार रुपए लिए एसीबी ने उसे पकड़ लिया। हडपसर पुलिस स्टेशन में देर रात बिडगर के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

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