गरीब व श्रमिक वर्गों का जीवनस्तर ऊंचा उठाने प्रयास किए जाएं : रामदास आठवले

पुणे : समाचार ऑनलाईन – डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर ने समाज की सभी जातियों व धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलने और उनका सर्वांगीण विकास करने की सीख दी। अपनी पार्टी उन्हीं के आदर्शों पर काम करती है। झोपड़पट्टी में रहने वाले गरीब व श्रमिक वर्गों का जीवनस्तर ऊंचा उठाने के लिए हमें प्रयास करने चाहिए और इसी भावना के साथ नगरसेविका सुनीता वाडेकर की पहल पर 3 करोड़ के विकासकार्यों का शुभारंभ हो रहा है। उपेक्षितों के जीवन में खुशियां भरने हेतु उनकी समस्याएं हल करने को अक्सर प्राथमिकता देनी चाहिए। यह राय केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री व रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने व्यक्त की। रविवार को उनके हाथों औंध-बोपोड़ी प्रभाग में 3 करोड़ रुपयों के विभिन्न विकासकार्यों का उद्घाटन हुआ।

माता रमाई आंबेडकर विद्यालय में आयोजित इस समारोह में राज्य के सामाजिक न्याय राज्यमंत्री अविनाश महातेकर, सांसद गिरीश बापट, विधायक विजय काले, उप-महापौर डॉ। सिद्धार्थ धेंडे, रिपब्लिकन पार्टी के प्रदेश सचिव बालासाहेब जानराव, शहराध्यक्ष अशोक कांबले, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अय्यूब शेख, कार्याध्यक्ष संजय सोनवणे, नगरसेविका सुनीता वाडेकर, अर्चना मुसले, नगरसेवक विजय शेवाले, प्रकाश ढोरे आदि उपस्थित थे।
स्कूलों में संविधान उद्देशिका स्तंभ, बुद्ध विहार, व्यायामशाला, मंदिर की मरम्मत, रीडिंग रूम, पक्की सड़कें, सीसीटीवी कैमरे, बागों का निर्माण, शौचालय व पानी की टंकियां लगाने जैसे विभिन्न विकासकार्यों का उद्घाटन हुआ। इस दौरान मंत्री पद पर चुने जाने के लिए रामदास आठवले व अविनाश महातेकर को प्रभाग की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

अविनाश महातेकर ने कहा कि मौलिक सोच के साथ इन विकासकार्यों की पहल की गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि स्कूल से भारतीय संविधान का पहला पृष्ठ जुड़ गया है, जिससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी। माता रमाई व डॉ। आंबेडकर के शिल्प से स्कूल का परिसर शोभायमान हो गया है। इन चारों नगरसेवकों द्वारा प्रभाग में किये गये कार्यों से लोगों के जीवन में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि बतौर मंत्री मुझे सौंपा गया दायित्व उपेक्षित वर्गों की सेवा करते हुए निभाने की कोशिश करूंगा।

गिरीश बापट ने कहा कि आम आदमी के जीवन में खुशी पैदा करने की कोशिश की जानी चाहिए। उनकी बुनियादी जरूरतों को पूर्ण कर उनका जीवन सुखमय बनाना चाहिए। मैं हमेशा काम करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ रहता हूं। गरीबों की सेवा आंबेडकर को वंदन करने के समान है और बाबासाहब के चरित्र से प्रेरणा लेकर मैं काम कर रहा हूं। अच्छे कार्यों के लिए मैं पैसे कम नहीं पड़ने दूंगा। प्रभाग में किये गये कार्य प्रशंसनीय हैं। परशुराम वाडेकर ने प्रास्ताविक भाषण दिया, जबकि प्रकाश ढोरे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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