संजय राठौर के इस्तीफ़े के बाद मंत्री पद के लिए इन  विधायकों के नाम पर चर्चा

राज्य के बहुचर्चित पूजा चव्हाण आत्महत्या मामले में आरोप सामने आने के बाद वन मंत्री संजय राठोड ने इस्तीफ़ा दिया है। इस्तीफ़े के बाद मंत्री  पद के लिए विदर्भ के विधायक डॉ संजय रायमुलकर और आशीष जायसवाल के नामों की चर्चा हो रही है।

पूजा चव्हाण आत्महत्या मामले में तर्क वितर्क करते हुए  भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाया और वन मंत्री संजय राठौर से इस्तीफ़े की मांग की। पोहरदेवी में शक्ति प्रदर्शन के दौरान जांच में सब कुछ सामने आने की बात भी संजय राठौड़ ने कही थी। हालांकि विपक्ष शिवसेना और वैकल्पिक सरकार को निशाना बना रहा था इसलिए रविवार को राठौड़ ने इस्तीफ़ा दे दिया। सरकार ने सत्र से पहले विरोधियों के हंगामे से बचने के लिए यह कदम उठाया।

विदर्भ से शिवसेना के चार विधायक चुन कर आए हैं। पिछली सरकार में राज्य मंत्री रहे राठोड़ को इस बार कैबिनेट मंत्री का पद मिला था। ठाकरे ने वन विभाग की ज़िम्मेदारी उनके कंधों पर डाल ली, लेकिन अब उनके इस्तीफे के बाद  डॉ रायमुलकर जो तीन बार विधायक रह चुके हैं, उनके नाम की चर्चा शुरू हो गई है। भारी मतो से लगातार तीन बार 2009, 2014 और 2019 में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड रायमूलकर के नाम है। मेहकर पिछले 30 सालों से शिवसेना का गढ़ रहा है। शिवसेना के बुलडाना जिले में दो विधायक हैं। पार्टी संगठन भी मजबूत है। इसलिए यह उम्मीद है कि उन्हें बुलडाना जिले से मंत्री पद। रायमुलकर को हाल ही में महाआघाडी सरकार में मंत्री पदों की कमी के कारण पंचायत राज समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया था।आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों के मद्देनज़र आने वाले समय में यह स्पष्ट हो जाएगा कि राठौड़ के इस्तीफ़े के बाद रायमुलकर और जायसवाल में से किसके पास मंत्री पद जाता है।

विदर्भ में शिवसेना की ताकत राठोड और रायमूलकर

विदर्भ में शिवसेना की चार सीट हैं उनमे से संजय राठोड और संजय रायमूलकर ने हैट्रिक बनाई थी। नितिन देशमुख और संजय गायकवाड़ का यह पहला कार्यकाल है। इसके अलावा  भंडारा निर्वाचन क्षेत्र के मूल निवासी शिवसैनिक नरेंद्र भोंडेकर निर्दलीय चुने गए हैं। वह वर्तमान में जिलाध्यक्ष हैं। कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि इन सब में रायमुलकर ज्यादा अनुभवी हैं। अब देखना ये है कि सरकार क्या निर्णय लेती है।

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