Digital Life Certificate | 1 अक्टूबर से पेंशन पर लागू होगा ‘ये’ खास नियम, जानिए क्या करना पड़ेगा आपको

नई दिल्ली (New Delhi) – Digital Life Certificate | सितंबर महीने को पूरा होने में सिर्फ 10 दिन बाकी है और उसके बाद अक्टूबर की शुरुआत हो जाएगी। अक्टूबर की शुरुआत होने के साथ ही पैंशन (Pension)  से जुड़े नियम में बदलाव होने वाले है। ऐसे में जानते हैं कि बैंक (Bank) से जुड़े किन नियमों में बदलाव होने वाला है।  यह नया बदलाव डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) को लेकर है।

अब यह सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) देश के सभी हेड पोस्ट ऑफिस (Head Post Office) के जीवन प्रमाण सेंटर (Jeevan Praman Center) यानी कि JPC में जमा कराए जा सकेंगे। जिन पेंशनर्स की उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है, वे 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2021 तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकेंगे। बाकी पेंशनर्स (pensioners) 1 नवंबर से 30 नवंबर तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे। जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का काम पोस्ट ऑफिस के जरिये शुरू होने जा रहा है। इसलिए भारतीय डाक विभाग (Indian Postal Department) ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जीवन प्रमाण सेंटर की आईडी (ID) समय से एक्टिवेट कर लें, अगर वह पहले से बंद हो तो। जिन हेड पोस्ट ऑफिस (Post Office) में जीवन प्रमाण सेंटर नहीं हैं, वहां फौरन यह सेंटर बनाने का आदेश जारी किया गया है।

सरकार के मुताबिक जीवन प्रमाण सेंटर बनाने के बाद आईडी एक्टिवेट करनी होगी। यही काम पोस्ट ऑफिस में कॉमन सर्विस सेंटर के लिए भी होना है।  इसकी अंतिम तारीख 20 सितंबर, 2021 निर्धारित की गई है। यह काम पूरी तरह से ऑनलाइन हो गया है, इसलिए पेंशनर्स को बैंक की ब्रांच या पोस्ट ऑफिस में जाने की जरूरत नहीं होगी। जीवन प्रमाण पत्र को ऑनलाइन जमा करने के लिए घर बैठे काम किया जा सकता है। इसके लिए पेंशनर को आधार नंबर पर बने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) यानी कि DLC से जीवन प्रमाण लेना होगा। पहले बैंकों या पोस्ट ऑफिस में हाथ से यह सर्टिफिकेट जमा करना होता था. लेकिन अब यही फैसिलिटी ऑनलाइन मिल रही है।

दरअसल, ऑनलाइन जीवन प्रमाण (online life certificate) में एक यूनिक आईडी मिलती है जो DLC का काम पूरा होते ही जनरेट हो जाती है। इसी आधार पर जीवन प्रमाण पत्र प्रोसेस होता है और यह ऑटोमेटिकली बैंक ब्रांच (Bank Branch) या पोस्ट ऑफिस की शाखा में भेज दिया जाता है। इससे पता चलता है कि पेंशनर अभी जीवित है। इसी आधार पर पेंशनर के खाते में पैसे रिलीज किए जाते हैं। कई पेंशनर ने इस मामले में शिकायत की थी कि आधार कार्ड (Aadhar card) नहीं होने की वजह से उन्हें पेंशन मिलने में कठिनाई उठानी पड़ रही है अथवा उनके अंगूठे का निशान मेल नहीं खा रहा है।

इसके लिए कुछ सरकारी संगठनों ने जहां 2018 में वैकल्पिक रास्ता निकाला था, वहीं आधार को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate) जारी करने के लिए स्वैच्छिक बना दिया गया है।

 

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