दिल्ली कैबिनेट अधिसूचित, केजरीवाल के पास कोई विभाग नहीं

नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)| राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्रियों के विभागों के आवंटन को अधिसूचित कर दिया है। कैबिनेट मंत्रियों मनीष सिसोदिया व सत्येंद्र जैन के पास आठ-आठ विभाग हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा है।

अधिसूचना मंगलवार को प्रकाशित की गई। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (कार्य का आवंटन) नियम 1993 के नियम 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ परामर्श से दिल्ली के मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया है।

अधिसूचना के अनुसार, मनीष सिसोदिया को शिक्षा, वित्त, योजना, भूमि और भवन, सतर्कता, सेवा, पर्यटन, कला, संस्कृति और भाषा की जिम्मेदारी दी गई है और इसके अलावा अन्य सभी विभाग जो किसी मंत्री को विशेष रूप से नहीं आवंटित किए गए हैं, सिसोदिया के पास हैं।

सिसोदिया के पास बीते कार्यकाल में महिला व बाल विकास विभाग भी था, लेकिन इस बार यह राजेंद्र पाल गौतम को दे दिया गया है। गौतम के पास पहले ही गुरुद्वारा चुनाव, एससी एवं एसटी, सामाजिक कल्याण व सहाकारिता विभाग हैं।

जल विभाग बीते कार्यकाल में केजरीवाल के पास था, लेकिन इस बार इसे जैन को दिया गया है। जैन के पास आठ विभाग हैं, जो बीते कार्यकाल से एक ज्यादा है।

स्वास्थ्य, उद्योग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, बिजली, गृह, शहरी विकास और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग पिछले कार्यकाल में जैन के पास थे और इस कार्यकाल में उनके पास रहेंगे।

पर्यावरण व वन विभाग बीते कार्यकाल में कैलाश गहलोत के पास था, उसे अब गोपाल राय को दिया गया है।

अब राय के पास रोजगार, विकास, श्रम, सामान्य प्रशासन विभाग, पर्यावरण, वन व वन्यजीव विभाग हैं, जबकि गहलोत के पास कानून, न्याय व विधायी मामले, परिवहन, प्रशासनिक सुधार, सूचना व प्रौद्योगिकी व राजस्व है।

इमरान हुसैन के पास खाद्य व आपूर्ति व निर्वाचन विभाग बना रहेगा।

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