रूप बदलने की वजह से कोरोना वायरस ज्यादा खतरनाक

जूनोटिक होने के कारण पशुओं में भी फैलने का खतरा

नई दिल्ली : समाचार ऑनलाइन – कोरोना वायरस अपना रूप बदलने की क्षमता के कारण खतरनाक होता जा रहा है।वैज्ञानिकों का दावा है कि इस संक्रमण में खुद को बदलने की अदभुत क्षमता है। इसका जीनोम छह जीन से बना होता है।  जब कोई संक्रमण कोशिका में पहुंचता है और उसी जाति का कोई दूसरा संक्रमण वहां पहले से मौजूद हो तो दोनों के जीन मिलकर जानलेवा बन जाते हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि भले ही यह प्राकृतिक प्रक्रिया है पर वे इसी क्षमता के जरिए ये महामारी स्ट्रेन विकसित करने में कामयाब हो जाते हैं।

दूसरी ओर चीन में एक कुत्ते में भी कोरोना वायरस की बात सामने आई है। अब तक यह माना जाता था कि यह जूनोटिक (मनुष्य से पशु में फैलने वाला) नहीं है, पर कुत्ते में वायरस मिलना यह संकेत देता है कि कोरोना जूनोटिक है ऐसे में वैज्ञानिक यह आशंका जता रहे हैं कि यह संक्रमण कुत्तों में फैल गया तो दूसरे जानवरों में भी हो सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह भी सार्स और मर्स की तरह ऐसा खतरनाक संक्रमण है जिसकी चपेट में आने से करीब 10 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है।

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