रूप बदलकर लौटा कोरोना, लगाया जा रहा है जीनोम का पता   

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : भारत के कुछ राज्यों में कोरोना के तेज पलटवार को देखते हुए सरकार भी हैरान है। जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, वह काफी परेशान करने वाला है। पिछले हफ्ते में महाराष्ट्र के कोरोना केसेज में 81% का इजाफा देखने को मिला है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और पंजाब ऐसे राज्य हैं, जहां मामले 30% से ज्यादा बढ़े हैं।

जम्मू और कश्मीर, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की स्थिति भी चिंताजनक है। चंडीगढ़ में भी केसेज 43% बढ़ गए हैं। केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, केरल, गोवा, आंध्र प्रदेश और चंडीगढ़ को नया ऐक्शन प्लान सौंपा है। यहां पर कोविड केसेज में खासा उछाल देखने को मिला है। केंद्र ने कहा है कि टेस्टिंग के बाद जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए म्यूटंट स्ट्रेन्स की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही केसेज के क्लस्टर की निगरानी को भी कहा गया है। अधिकारियों की मानें तो कोरोनो वायरस के लगभग 7,000 वैरियंट में म्यूटेशन का पता चला है जो देश में सर्कुलेशन में हैं।

वैज्ञानिकों को शक है कि इसके पीछे कोरोना वायरस का स्वरूप बदलना बड़ा कारण हो सकता है। इसलिए जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है। प्रभावित स्थानों से सैम्पल्स मांगे गए हैं। अबतक देशभर में करीब 6,000 सैम्पल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा चुकी है। नए वैरियंट की पुष्टि इसी सप्ताह हो सकती है। विशेष प्रभावित केरल और मुंबई में ‘माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग’ की जा रही है। जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए अब तक 10 सर्विलांस साइट्स बनाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह भी पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या नए इलाकों में कोविड क्लस्टर्स बन रहे हैं।

महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे के साथ-साथ अब विदर्भ इलाके में भी हालात खराब होने लगे हैं। यवतमाल, अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में केसेज बढ़ते ही चले जा रहे हैं। विदर्भ में 11 जिलों में से छह में सबसे ज्यादा पॉजिटिव रेट है, जो राज्य के वर्तमान औसत से लगभग तीन गुना अधिक है।

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