कोरोना एक, मुसीबतें हजार…. संक्रमितों में दिख रहा फंगल इंफेक्शन, कर सकता है अधमरा

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : कोरोना से लगता है पीछा नहीं छूटने वाला। संक्रमण को मात देने के बाद भी मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।  हाल ही में दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने कोविड-19 रोगियों में एक दुर्लभ फंगल संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी है। अगर ये इंफेक्शन जल्द नहीं पता लगा तो संक्रमण -ब्लैक फंगस कहे जाना वाला  म्यूकोर्मोसिस रोगी को अधमरा कर सकता है। आंखों की रोशनी और जबड़ों के लिए भी ये खतरनाक है।  बीते 15 दिनों में इस ब्लैक फंगस के 10 मामले सामने आए हैं। आम तौर पर अस्पताल के पास साल भर में इस तरह के केवल 5 मामले आते हैं।

इटली में हुए एक अध्ययन के अनुसार, कोरोना से संक्रमित 20 प्रतिशत लोगों में त्वचा से संबंधित लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इनमें स्किन रैशेज प्रमुख है। हमारा शरीर वायरस के संक्रमण के प्रति जो प्रतिक्रिया देता है, उसके कारण स्किन रैशेज की समस्या ट्रिगर हो सकती है। मुंबई और अहमदाबाद में कमजोर इम्यूनिटी वाले कोरोना मरीजों में यह संक्रमण फैल रहा है। अहमदाबाद में दो मरीजों की इससे मौत भी हो गई है। यह आंखों में सूजन, अल्सर, कम रोशनी के तौर पर दिख सकता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए तो यह बेहद जानलेवा है। आंखों के बाद मस्तिष्क में फंगल इन्फेक्शन फैलने के बाद मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है।

सर गंगा राम अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. शालू बगेजा ने कहा कि किसी भी फंगल इंफेक्शन की तरह, Mucormycosis डायबिटीज, किडनी रोगी, या किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके ज्यादातर कम इम्यूनिटी वाले रोगियों में होता है। कई कोविड-19 रोगियों को स्टेरॉयड और अन्य दवाएं दी जाती हैं जो उनकी इम्यूनिटी को और कम कर सकती हैं।

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