कोरोना का फर्जी निगेटिव रिपोर्ट बनाकर देनेवाली गैंग का पर्दाफाश

पिंपरी। महामारी कोरोना के भीषण संकट से जूझ रहे पिंपरी चिंचवड़ और पुणे से दूसरे राज्यों में जाने के लिए जरूरी कोरोना की फर्जी निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाकर देनेवाली एक गैंग का पिंपरी चिंचवड़ की हिंजवड़ी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। उनके पास से 28 फर्जी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट बरामद की गई है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उनके अन्य दो साथियों की तलाश जारी है।

पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश द्वारा मंगलवार को एक सँवाददाता सम्मेलन में दी गई जानकारी के अनुसार, बीती दोपहर वाकड़ के इंदिरा कॉलेज के पास की गई इआ कार्रवाई में पत्ताराम केसारामजी देवासी (33, निवासी भुमकर बस्ती, वाकड, पुणे) और राकेशकुमार बस्तीराम वैष्णव (25, निवासी धनकवडी, पुणे) को गिरफ्तार किया गया है। उनके साथ चिरंजीव और राजू भाटी (निवासी वाकड) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में हिंजवड़ी थाने के हेड कॉन्स्टेबल कुणाल शिंदे ने शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस को खबर मिली थी कि कुछ लोग वाकड में इंदिरा कॉलेज के पास शनि मंदिर में कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दे रहे हैं। इसके अनुसार हिंजवड़ी थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण सावंत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यहां छापा मारा। तब आरोपी राकेशकुमार वैष्णव कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाकर व्हाट्सएप पर भेजता पाया गया। ये रिपोर्ट वाकड से दूसरे राज्यों व जिलों में जानेवाले यात्रियों की मांग के अनुसार 500 से 600 रुपए में जारी किए जा रहे थे। इस रिपोर्ट पर लाइफनीटी वेलनेस इंटरनेशनल लिमिटेड बावधन नामक लैब के फर्जी लेटरहेड और डॉक्टरों की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर मौजूद पाए गए।
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