कांग्रेस के ‘चाणक्य’ अहमद पटेल नहीं रहे, कोरोना से हुए थे संक्रमित  

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल  नहीं रहे। आज (बुधवार) सुबह 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे फैसल पटेल ने निधन की जानकारी दी।  अहमद पटेल को गुजरात के भरूच स्थित उनके पैतृक गांव पीरामन में ही सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अहमद पटेल की ये इच्छा थी कि उन्हें उनके माता-पिता के साथ ही दफन किया जाए, जिसके बारे में उन्होंने अपने बेटे को कहा था।

फैजल पटेल ने ट्वीट कर कहा कि वे बेहद दुख के साथ अपने पिता अहमद पटेल की दुखद और असामयिक मृत्यु की घोषणा कर रहे हैं। फैजल पटेल ने कहा कि 25 तारीख को सुबह 3.30 पर उनके पिता का निधन हो गया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। अहमद पटेल अक्‍टूबर के पहले सप्‍ताह में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। जिसके बाद उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। तबियत बिगड़ने के बाद उन्‍हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, 18 नवंबर को अहमद पटेल की पुत्री ने यह जानकारी साझा की थी कि उनके पिता की सेहत में सुधार हो रहा है। पटेल की पुत्री मुमताज ने एक ऑडियो संदेश के माध्‍यम से यह जानकारी दी थी।

गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्‍वर में पैदा हुए अहमद पटेल का राजनीतिक कॅरियर काफी लंबा है। पटेल तीन बार लोकसभा सांसद और पांच बार राज्‍यसभा सदस्‍य रहे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जमाने में पटेल पहली बार 1977 में भरूच संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े और विजयी हुए। फिर 1980 और 1984 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचित हुए। 1993 से अहमद राज्‍यसभा सदस्‍य थे। 2001 से वह सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार भी थे। वह सोनिया गांधी के बेहद करीबी रहे।

पटेल के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी  ने दुख जताया है। उन्होंने कहा,  ‘अहमद पटेल के रूप में मैंने एक सहयोगी को खो दिया है, जिसका पूरा जीवन कांग्रेस को समर्पित था। मैं एक अपरिवर्तनीय कामरेड, एक वफादार सहयोगी और एक दोस्त खो चुकी हूं। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘अहमद जी न केवल एक बुद्धिमान और अनुभवी सहकर्मी थे, जिनसे मैं लगातार सलाह और परामर्श लेती थी। वे एक ऐसे दोस्त थे जो हम सभी के साथ खड़े रहे, दृढ़, निष्ठावान और अंत तक भरोसेमंद रहे। उनका निधन एक विशाल शून्य छोड़ देता है। उनकी आत्मा को शांति मिले।’

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