पेचीदा हुआ मामला…वैक्सीन का डोज लेने वाले वालंटियर की  मौत, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि 

भोपाल. ऑनलाइन टीम : देश ही नहीं, पूरी दुनिया में कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। कोविशिल्ड और कोवैक्सिन को देश में आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलने के बाद पूरे देश भर में बहुत जल्द टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। केंद्र ने राज्य सरकारों को साथ लेकर चार महीने पहले ही कोविड टीकाकरण की तैयारियां शुरू कर दी थीं। राज्य, जिला और ब्लॉक लेवल पर टास्क फोर्सेज बनाई गई हैं। मास्टर ट्रेनर्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है जो पूरे देशभर में कोविड टीकाकरण में शामिल वालंटियर्स को ट्रेन करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के मुताबिक, 260 जिलों में 20,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग मिल भी चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भी बताया गया कि मंजूरी के 10 दिनों के बाद देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी जाएगी। हालांकि भी इसकी घोषणा अभी की जानी बाकी है।

इस बीच, मध्प्रदेश से एक दुखद खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि कोरोना के ट्रायल वैक्सीन लेने के बाद एक वालंटियर की मौत हो गई। वालंटियर के बेटे ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की मौत वैक्सीन के डोज लेने के बाद ही हुई है। बेटे के अनुसार वैक्सीन का डोज लेने के बाद उसके पिता मजदूरी पर जाना बंद कर दिया था। वे कोरोना गाइडलाइन का पालन कर रहे थे। बेटे ने जो जानकारी दी उसके अनुसार उनके पिता की तबीयत 19 दिसंबर के बाद से खराब होने लगी। फिर 21 दिसंबर को उनके पिता की मौत हो गई। उसने बताया कि डोज लेने के बाद अस्पताल से हमेशा फोन आते रहते थे। दूसरी तरफ,  वैक्सीन का डोज लेने वाले वालंटियर का जब पोस्टमार्टम कराया गया,तो प्रारंभिक रिपोर्ट में जहर मिलने की पुष्टि हुई है।

पुलिस के लिए यह मामला पेचीदा बन गया है। वालंटियर को आखिर किसने और क्यों जहर दी। खबर सामने आने के बाद तेजी से इसकी चर्चा हो रही है। इधर मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने बताया कि टीकाकरण के 30 मिनट के भीतर ही वैक्सीन लेने वाले प्रभाव दिखाई देने लगता है। उन्होंने बताया, उस वालंटियर में टीकाकरण के 24 और 48 घंटे के बीच भी कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की बात सामने आई है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

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