आबासाहेब गरवारे कॉलेज के 36 लोगों के खिलाफ शिकायत, फर्जी शिक्षक भर्ती का आरोप

पुणे : महाराष्ट्र एजुकेशन सोसाइटी के आबासाहेब गरवारे कॉलेज में 17 फर्जी शिक्षकों की भर्ती का आरोप लगाया गया है। पुणे की एक महिला ने यह आरोप लगाते हुए 36 लोगो के खिलाफ शिवाजीनगर कोर्ट में पहुंची है। 25 फरवरी को इस मामले में सुनवाई होनेवाली है। इस दौरान संस्था ने बयान दिया है कि इस महिला ने द्वेष में आकर यह आरोप लगाया है।

पुणे जिला परिषद द्वारा फर्जी शिक्षक भर्ती मामले में आपराधिक कार्रवाई करने के बादअब मेहेर नंदन निरगुंदीकर उच्च माध्यमिक विभाग में फर्जी शिक्षक भर्ती मामले में अदालत पहुंच गयी है। 2012 से राज्य में शिक्षक भर्ती पर रोक होने के बाद भी इस संस्था ने कुछ लोगो ने शिक्षण उपसंचालक से मिल कर नकली कागज़ात के आधार पर फर्जी शिक्षक भर्ती की और राज्य सरकार के करोड़ो रुपये का नुकसान किया। इतना ही नहीं इस मामले में कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमे कॉलेज के रसायन शास्त्र शिक्षक किरण खाजेकर, शिक्षा आयुक्त, तत्कालीन विभागीय उपसंचालक मीनाक्षी राऊत, आबासाहेब गरवारे कॉलेज के प्रधानाध्यापक पी बी बुचडे, उप प्रधानाध्यापक मोहिनी कुलकर्णी, गोविंद कुलकर्णी, सुधीर गाडे, डॉ भारत व्हनकटे, किसन साबले के साथ 17 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ़ कारवाई की मांग की गयी है। साथ ही फर्जी शिक्षक मान्यता रद्द करे और सम्बंधितो पर मामला दर्ज करने का आदेश दें।

आरोप झूठे और निराधार

कॉलेज के प्रधानाध्यापक डॉ पी बी बुचडे ने कहा कि मेहेर नंदन ने संस्था पर झूठा आरोप लगाया है। उन्होने संस्था के खिलाफ स्कूल न्यायाधिकरण के पास अपील की है। उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया है। इस बात से चिढ़कर निरगुंदीकर ने संगठन के खिलाफ झूठी कानूनी कार्रवाई की। संगठन के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और निराधार हैं। संगठन इस मामले में लगाए गए आरोपों पर उचित कार्रवाई करेगा।

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