CM Uddhav Thackeray | मुख्यमंत्री ने कहा…  महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों की कार्रवाई का शोर मचा है, ऐसा लगता है……. 

नागपुर (Nagpur News) : CM Uddhav Thackeray | फ़िलहाल महाराष्ट्र (Maharashtra) में नशीले प्रदार्थ (Narcotics) की कार्रवाई का शोर मचा है।  इस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है   जैसे पूरी दुनिया का नशीला प्रदार्थ केवल महाराष्ट्र में है।  यह बयान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने दिया है।  वे नागपुर (Nagpur) के अत्याधुनिक डीएनए फोरेंसिक लैब (DNA Forensic Lab) के ऑनलाइन उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे।

प्रादेशिक न्याय सहायक वैज्ञानिक लैब (Regional Justice Assistant Scientific Lab) में निर्भया योजना के तहत फ़ास्ट ट्रैक डीएनए विश्लेषण विभाग (Fast Track DNA Analysis Department) और राज्य के एकमात्र वन्यजीव डीएनए विश्लेषण विभाग का आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के हाथों उद्घाटन किया गया।  इस कार्यक्रम में गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल (Home Minister Dilip Walse Patil), ऊर्जामंत्री डॉ. नितिन राऊत (Energy Minister Dr. Nitin Raut), पशुसंवर्धन मंत्री सुनील केदार (Animal Husbandry Minister Sunil Kedar) उपस्थित थे।

 

इस कार्यक्रम में केंद्रीय जांच एजेंसी (Central Investigation Agency) दवारा ड्रग के मामले में की जा रही कार्रवाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  फ़िलहाल महाराष्ट्र में नशीले प्रदार्थ की कार्रवाई का शोर मचा है।  इस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है   जैसे पूरी दुनिया का नशीला प्रदार्थ केवल महाराष्ट्र (Maharashtra) में है।  ऐसा नहीं है कि केंद्रीय जांच यूनिट (Central Investigation Unit) इस मामले की जांच कर सकती है. कुछ दिनों पहले मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने 27 करोड़ रुपए की  हिरोइन  पकड़ी थी।  लेकिन वह ‘हीरोइन’ (Heroine) से जुड़ा नहीं था इसलिए यह  कार्रवाई प्रसिद्ध नहीं हुई।

 

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) मजबूत है और कई बड़े काम किये है।  लेकिन महाराष्ट्र पुलिस की इस ख्याति को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

अपराध की दुनिया के पीछे चलने वाली  तकनीक को लेकर पुलिस विभाग (Police Department) को एक कदम आगे रहना चाहिए।  पुलिस विभाग राज्य की ताकत है, उसके लिए जरुरी सुविधा उपलब्ध कराना हमारा  कर्तव्य है और इसके लिए प्रयास भी होना चाहिए।

 

लैंगिक अत्याचार (Sexual Abuse) से लेकर बाल सुरक्षा कानून 2021 (Child Protection Act 2021) (पोक्सो) के तहत हुए अपराध में 60 दिनों के अंदर चार्जशीट (Charge Sheet) फाइल करने का सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का आदेश है।  इस मामले में डीएनए के सैंपल का  विश्लेषण करने के लिए निर्भया योजना के तहत फ़ास्ट ट्रैक डीएनए विश्लेषण विभाग तैयार किया गया है।

 

 

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