Chhapaak Review : ‘दर्द और संघर्ष’ में हार न मानने की सिख देती है दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’

मुंबई : समाचार ऑनलाइन (असित मंडल) – बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’ के रिलीज होने का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म 10 जनवरी को रिलीज होने वाली है। हालांकि उससे पहले फिल्म का रिव्यु सामने आया है। फिल्म के लिए मुंबई में स्पेशल स्क्रीनिंग रखा गया था। एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी पर आधारित इस फिल्म में दीपिका लीड रोल में नजर आएंगी, वहीं उनके साथ फिल्म में एक्टर विक्रांत मेसी भी हैं। दीपिका का एक डायलॉग ‘काश की एसिड बिकता ही नहीं, मिलता ही नहीं तो फेंकता भी नहीं..’ यह पूरी फिल्म का सार है।

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फिल्म डायरेक्टर मेघना गुलजार ने ‘तलवार’ (2015) और ‘राजी’ (2018) के बाद एक और सच्ची कहानी को बड़े पर्दे पर बेहद खूबसूरती से उतारा है। एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की सच्ची कहानी पर आधारित इस फिल्म में आप उनके जीवन में हुए दर्दनाक हादसे की वजह से आये बड़े बदलाव को नजदीक से महसूस कर सकते हैं। फिल्म में दीपिका ने बहुत खूबसूरती से मालती की भूमिका निभाई है और अपने किरदार के सभी दर्द और समाज के साथ उसके संघर्ष को अच्छी तरह से सिल्वर स्क्रीन पर दिखाने की कोशिश की है।

फिल्म की कहानी –
फिल्म ‘छपाक’ की कहानी मालती (दीपिका पादुकोण) नाम की लड़की की जिंदगी पर आधारित है। मालती 12वीं की छात्रा रहती है, जब पड़ोस का एक लड़का बशीर खान उसे शादी के लिए प्रपोज करता है। मालती का इंकार सुनते ही वह बदला लेने की ठानता है और एक दिन रास्ते में मालती पर तेज़ाब से हमला कर देता है। एक पल में मालती की ज़िंदगी बदल जाती है। वो लंबे समय तक अस्पताल में रहती हैं और डॉक्टर सर्जरी के जरिए उनके चेहरे को ठीक करते हैं। इसके बाद मालती खुद पर हुए हमले के खिलाफ आवाज उठाती हैं और बेबाकी से अपनी लड़ाई लड़ती हैं। एक हंसती खेलती, सपने देखती लड़की से.. मालती किस तरह एक बिलखती पीड़िता और फिर चुनौतियों का सामना करते करते आत्म विश्वासी और लाखों के लिए प्रेरणा बन जाती है.. यह सफर देखने लायक है।  यह पूरी फिल्म ‘दर्द और संघर्ष’ में हार न मानने की सिख देती है।

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एक्टिंग –
एक्टिंग के मामले में दीपिका ने एक बार फिर साबित कर दिया एक्टिंग में क्यों वो बेस्ट है। चाहे रानी हो या मालती जिस कैरेक्टर में वह काम करती उसी में घुस जाती है। अमोल के रूप में विक्रांत भी आपको इम्प्रेस करने से नहीं चूकेंगे। मालती के वकील के रूप में मधुरजीत सरगी और उनके प्रेमी राकेश के रूप में अंकित बिष्ट ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है।

डायरेक्शन –
फिल्म के डायरेक्शन की तो मेघना गुलजार ने एक बार फिर कमाल की कहानी खूबसूरत तरीके से दर्शकों के सामने लाइ है। फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ उसके गाने भी आपको खूब पसंद आएंगे। फिल्म का टाइटल सॉन्ग बहुत अच्छा है जो दर्शकों के रोंगटे खड़ा कर देगा। इस गाने में दर्शक एसिड अटैक सर्वाइवर और मालती के दर्द को महसूस कर सकेंगे।

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क्यों देखें फिल्म –
बेहद मजबूत स्टोरीलाइन वाली इस फिल्म में कुछ पॉइंट्स ऐसे भी हैं, जो आपको अंदर तक झकझोर देंगे। फिल्म के कुछ सीन्स इमोशंस से भरपूर लगेंगे, तो कुछ में आपको कमी का एहसास होगा। जबकि, छपाक में आपको कहानी में बैलेंस की कमी जरूर महसूस होगी। फिल्म में कई सीन ऐसे आते हैं जो दर्शकों को भावुक कर देते हैं तो वहीं मालती जब अपनी लड़ाई लड़ती हैं तो वो सीन भी अपने आप में बेहद खास हैं। फिल्म में तेजाब की बिक्री से जुड़े कई मुद्दों को भी उठाया गया है। छपाक समाज को एक कड़ा संदेश देती है और ऐसी कहानी है जिसे देखा जाना चाहिए।

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कुल मिलाकर फिल्म अच्छी है जिसका समाज तक पहुंचना जरूरी है। एसिड हमले जैसे गंभीर अपराध पर आधारित मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘छपाक’ समाज की एक खौफनाक सच्चाई सामने रखती है। इस फिल्म को एक बार जरूर देखें। पुणे समाचार की ओर से फिल्म को 3.5  स्टार दिए जाते है।

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