Chandrakant Patil | शरद पवार केंद्र का ऑफर स्वीकार न करे इतने कच्चे खिलाड़ी नहीं – चंद्रकांत पाटिल 

मुंबई (Mumbai News) : Chandrakant Patil | केंद्र सरकार (Central Government) के अधिकार क्षेत्र वाला  कोल इंडिया (Coal India) देश के बिजली प्रोजेक्ट (Power Project) में कोयले की कमी और वैकल्पिक किल्लत के लिए जिम्मेदार है और इस मामले में भाजपा (BJP) के नेता भ्रम फैला रहे है यह साफ हो गया है।  इस तरह के शब्दों में ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राऊत (Energy Minister Dr. Nitin Raut) ने केंद्र की भाजपा सरकार (BJP Government) पर हमला बोला है।  साथ ही राज्य में लोड शेडिंग न हो इसके लिए बिजली का उत्पादन (Electricity Production) बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।  यह जानकारी ऊर्जा मंत्री ने दी है।  इस पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने बयान  दिया है।

उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि केंद्र ने कोयला नहीं दिया इसलिए बिजली का कम उत्पादन हो रहा है।  लेकिन ये नहीं बताएंगे कि केंद्र ने कहा था कि बारिश (Rain) के कारण कम कोयला (Coal) मिलेगा। समय पर स्टॉक करे लेकिन हमने नहीं किया।  यह बात सरकार नहीं बताएगी। ऐसे में नाचे न जाने आंगन टेढ़ा वाली कहावत चरितार्थ होती है।  शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि केंद्र ने उन्हें  सरकार बनाने का ऑफर दिया था तो इसे न स्वीकार करे शरद पवार इतने कच्चे खिलाड़ी नहीं है।  केंद्र में सरकार वाली  पार्टी के साथ महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बनाने को उन्होंने प्राथमिकता दी होती।  ऐसे में आम नागरिक क्या कहेंगे और इसका क्या अर्थ होगा उन्हें मालूम है।

 

ओबीसी (OBC) को 72 होस्टल नहीं देने पर वडेट्टीवर (Vijay Wadettiwar ) की  नाराजगी  पर जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि महाविकास आघाडी (Mahavikas Aghadi) की नाराजगी थाली में कुछ और पड़ोसन के लिए कुछ और वाली स्थिति है।  ऐसे में उसका कोई अनुमान लगाने की कोई वजह नहीं है।

 

चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने पुणे (Pune) में 14 वर्षीय लड़की की हत्या  (Murder) पर बयान दिया है। मुझे चिंता व्यक्त करनी है और पुरानी याद ताज़ी करनी है कि जब देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे उस वक़्त नागपुर (Nagpur) में हल्की सी  आवाज होने पर भी कहा जाता था कि राज्य के मुख्यमंत्री का शहर में पॉकेट मारा गया है।  लेकिन अब नितिन राऊत (Nitin Raut) सो रहे है क्या ? उन्हें नागपुर में हुआ अपराध दिखाई नहीं दे रहा है ? महाराष्ट्र में महिलाये असुरक्षित है।  महाराष्ट्र (Maharashtra) दिल्ली (Delhi) की तुलना में लड़कियों की सुरक्षा के मामले में आगे था।
जो अब पूरी तरह से रसातल में चला गया है।  घर से बिना किसी को साथ लिए बाहर नहीं निकल सकते है।  इस स्थिति पर सुप्रिया सुले (Supriya Sule) क्यों नहीं बोल रही है ? उन्हें मेरे कार्यकाल में सड़क में गड्ढे नज़र आते थे और उसका सेल्फी लेती थी।  उन्हें यह बलात्कार (Rape) और कोयते से किये जा रहे हमले नज़र नहीं आ रहे है क्या ? सत्ता  के लिए महिला की सुरक्षा को लेकर समझौते किया जा रहा है क्या ?

 

 

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