चाणक्य नीति : कभी भी न बताये ये 5 बातें, वरना भुगतना पड़ सकता है नुकसान

नई दिल्ली : ऑनलाइन टीम –  चाणक्य का भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। ये अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र के ज्ञाता होने के साथ ही एक महान दार्शनिक भी थे। इन्होंने अपनी नीतियों के माध्यम से नंदवंश का नाश करके चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बना दिया। आज के दुनिया में हर किसी की अपनी-अपनी चाहत होती है। उन्होंने अपनी नीतियों को नीति ग्रंथ कही जाने वाली चाणक्य नीति में वर्णित किया है।

चाणक्य का मानना है कि कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें सुनकर लोग आपका मजाक बनाएंगे। ऐसे में आपको उनसे सहानुभूति न मिलने पर और अधिक दुख होगा। चाणक्य कहते हैं कि आपको अपनी निजी बातों को गुप्त ही रखना चाहिए।

श्लोक –

अर्थनाश मनस्तापं गृहिण्याश्चरितानि च।
नीचं वाक्यं चापमानं मतिमान्न प्रकाशयेत॥

मतलब –

चाणक्य इस श्लोक में कहते हैं कि जीवन में धन की हानि मनुष्य को कभी न कभी जरूर होती है। हालांकि, उनके अनुसार जिस व्यक्ति के पैसों का नुकसान हुआ हो, उसे इस बारे में किसी को भी नहीं बताना चाहिए। वो ऐसा इसलिए कहतता हैं क्योंकि उनका मानना है कि नुकसान की बात सुनकर कोई मदद करने तो नहीं आएगा बल्कि आपसे दूरी बना लेगा।

आचार्य चाणक्य उस व्यक्कि को समझदार कहते हैं दो अपनी पत्नी के चरित्र के बारे में किसी से चर्चा नहीं करता है। जीवनसाथी से हुई बहस, कोई विवाद या झगड़े के बारे में अगर आप किसी और के सामने जिक्र करेंगे तो उससे आपको केवल नुकसान होगा। इससे लोग न सिर्फ उस व्यक्ति की पत्नी का मजाक उड़ाएंगे बल्कि दांपत्य जीवन सुखी होने के बाद भी इस बात की उलाहना देंगे।

कौटिल्य के मुताबित व्यक्ति को अपने दुख का ढ़िढोरा नहीं पीटना चाहिए, बल्कि उसे अपने तक ही सीमित रहना चाहिए। आचार्य करते हैं कि किसी भी व्यक्ति को दूसरे की परेशानियों से कोई मतलब नहीं होता है। उनसे संवेदनाएं वेशक सामने दिखा दें पर पीठ पीछे उस दुखी व्यक्ति का लोग मजाक उड़ाते हैं।

चाणक्य के मुताबिक अगर किसी ने आपको ठगा है, तो भी दूसरों के सामने इसका जिक्र न करें। नहीं तो लोग आपकी बुद्धिमता पर सवाल खड़े कर सकते हैं या आगे चलकर आपको ठगने का प्रयास भी कर सकते हैं।

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