सेंट्रल रेलवे ने स्क्रैप से कमाए 225 करोड़ रुपए

पुणे : ऑनलाइन टीम – मध्य रेलवे ने पिछले दस महीनों में स्क्रैप सामग्री की बिक्री से 225 करोड़ रुपये कमाए हैं। हालांकि बिक्री पिछले साल की तुलना में कम है। इन स्क्रैप सामग्री में स्क्रैप रेल, रेल पथ से सम्बंधित सामग्री, कंडम्ड कोच, वैगन और लोकोमोटिव आदि शामिल है।

मध्य रेल के सामग्री प्रबंधन विभाग ने मध्य रेल के प्रत्येक मंडल, वर्कशॉप और शेड में स्क्रैप सामग्री से मुक्त सुनिश्चित करने हेतु “शून्य स्क्रैप मिशन” शुरू किया है। इस मिशन के तहत चालू वर्ष के दौरान यानी अप्रैल -20 से जनवरी -21 तक मध्य रेल ने 224.96 करोड़ रुपये की कीमत का स्क्रैप का डिस्पोजल किया है।

जानकारी के मुताबिक, जीरो स्क्रैप मिशन ड्राइव न केवल भारतीय रेल के लिए राजस्व उत्पन्न करता है, बल्कि इससे स्पेस में भी वृद्धि होती है। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान मध्य रेल ने 56057.15 मीट्रिक टन स्क्रैप रेल सामग्री आदि को जुटाकर 321.46 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेचा था। सामग्री प्रबंधन विभाग ने कोविड -19 महामारी के दौरान देश भर में आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए माल और पार्सल ट्रेनों के संचालन और रखरखाव के लिए आवश्यक पूर्जों और उपयोगी सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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