सावधान! भूलकर भी उत्तर दिशा में सिर करके न सोये, वरना बढ़ेगा मानसिक तनाव

मुंबई : समाचार ऑनलाइन – अच्छी सेहत के लिए पौष्ट‍िक आहार, योग-ध्यान के साथ-साथ नियमित दिनचर्या भी जरूरी है। दिनचर्या में सही वक्त पर नींद लेना भी शामिल है। शास्त्रों में इस बारे में बताया गया है कि सोने का सही तरीका क्या होना चाहिए। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मुख्यत: दिशाएं चार ही होती हैं लेकिन सभी दिशाओं में सिर करके नहीं सोना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति को दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर करके सोना चाहिए। अर्थात पैरों को उत्तर या पश्चिम दिशा में ही रखना चाहिए।

दरअसल पृथ्वी में चुम्बकीय शक्ति होती है। इसीलिए दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर लगातार चुंबकीय धारा प्रवाहित होती रहती हैं। जब हम दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोते हैं तो यह ऊर्जा हमारे सिर की ओर से प्रवेश करती है और पैरों की ओर से बाहर निकल जाती है। इस तरह सुबह जगने पर व्यक्ति को ताजगी और स्फूर्ति महसूस होती है। इसके विपरीत उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने पर चुम्बकीय धारा पैरों से प्रवेश करके सिर तक पहुंचती है, जिसकी वजह से मानसिक तनाव बढ़ता है और सुबह जागने पर मन भारी रहता है।

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