जन्मदिन पर ब्रेनडेड युवक के अंगों ने बचाई 4 जिंदगियां

पुणे/नागपुर : समाचार ऑनलाईन – परिवार ने उसके जन्मदिन के मौके पर महाराष्ट्र के जरूरतमंद मरीजों को उसके अंग दान किए हैं। उसका हार्ट नागपुर में मजदूरी कर अपना जीवनयापन करने वाले 28 वर्षीय युवक को दान किया गया। इसे विदर्भ का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट बताया जा रहा है। शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे एयरपोर्ट से ग्रीन कॉरिडोर से हार्ट को लकड़गंज स्थित एक निजी हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट कर शहर के लिए नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।
32 वर्षीय वेल्डर को कुछ दिनों पहले स्ट्रोक का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उसे केईएम अस्पताल ले जाया गया था। उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई और आखिरकार उसका इलाज कर रही मेडिकल टीम ने उसे ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया। व्यक्ति के जन्मदिन पर अपने पति को इस हालत में देखकर उनकी पत्नी रो पड़ी। हालांकि, उन्होंने शव को दान के लिए सहमति व्यक्त की और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद अस्पताल को व्यक्ति के दिल, लिवर और दोनों गुर्दे को निकालने की अनुमति दे दी। मरीज की युवा पत्नी गर्भवती है और उनका छह साल का एक बेटा भी है। महिला के इस कदम से उन लोगों को नया जीवन मिला है, जो अपने जीवन को बचाने के लिए अंग प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे थे।
नागपुर में धड़का पुणे का दिल
इस मरीज के हार्ट को रिजनल ऑर्गन एडं टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (आरओटीटीओ) ने नागपुर में अलॉट किया। इंडिगो के विमान से हार्ट नागपुर लाया गया और लकड़गंज स्थित न्यू ईरा हाॅस्पिटल में ट्रांसप्लांट शुरू किया गया। करीब 5 घंटे तक यह ऑपरेशन चला। इस हार्ट को अस्पताल पहुंचाने के लिए विमानतल से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। दोपहर 12.30 बजे एंबुलेंस हार्ट लेकर विमानतल से निकली और मात्र 10 मिनट में 12.40 पर लकड़गंज हॉस्पिटल तक 13 किमी की दूरी पूरी कर ली। 5 गाड़ियों ने ग्रीन कॉरिडोर से यातायात को खाली कराया। एंबुलेंस के आगे 1 पायलट गाड़ी निकली, एक एंबुलेंस में हार्ट रखा गया व एक एंबुलेंस और साथ में निकली। उसके पीछे 2 और गाड़ियां थीं। ग्रीन कॉरिडोर का मोर्चा यातायात पुलिस उपायुक्त गजानन राजमाने के नेतृत्व में 3 पुलिस निरीक्षक और 2 सहायक पुलिस निरीक्षक व 101 पुलिसकर्मियों ने संभाला।
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