कोरोनाकाल में मसीहा बने सोनू सूद को बीएमसी ने कहा-आदतन अपराधी, अदालत से भी झटका

मुंबई. ऑनलाइन टीम : कोरोनाकाल में मसीहा नजर आने वाले अभिनेता सोनू सूद को बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने ‘आदतन अपराधी’ बताया है और अब अदालत ने भी सोनू सूद को झटका दिया है।

मामला अवैध निर्माण से जुड़ा है। बीएमसी का कहना है कि बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने उपनगर जुहू में स्थित अपने आवास में कथित तौर पर बिना इजाजत अवैध निर्माण किया है। बीएमसी ने इसे लेकर नोटिस जारी किया तो सोनू ने बॉम्बे हाइकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका के माध्यम से कहा कि सोनू के इस छह मंजिला आवास में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं करवाया गया है। इस छह मंजिला आवास का नाम शाक्ति सागर है।

सूद के वकील अमोघ सिंह ने बीएमसी द्वारा जारी नोटिस का पालन करने के लिए 10 सप्ताह का समय मांगा था और अदालत से अनुरोध किया था कि वह नगर निकाय को इमारत ढहाने का कदम नहीं उठाने का निर्देश दे। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि अभिनेता के पास ऐसा करने का पहले पर्याप्त समय था। इसके साथ ही याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है।

बता दें कि बीएमसी ने पिछले साल अक्टूबर में सोनू सूद को नोटिस जारी किया था। उस नोटिस को सूद ने दिसंबर 2020 में दीवानी अदालत में चुनौती दी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया था। बीएमसी ने अपने नोटिस में आरोप लगाया था कि सूद ने छह मंजिला ‘शक्ति सागर’ रिहायशी इमारत में ढांचागत बदलाव कर उसे वाणिज्यिक होटल में तब्दील कर दिया।  13 जनवरी को हुई सुनवाई में बीएमसी ने कोर्ट में कहा था कि अभिनेता अवैध निर्माण के मामले में लगातार नियम तोड़ते रहे हैं। बीएमसी से सोनू को ‘आदतन अपराधी’ भी बताया था। बीएमसी ने कोर्ट में अभिनेता पर अवैध निर्माण के जरिए पैसे कमाने का आरोप भी लगाया था। बीएमसी का कहना था कि सोनू सूद ने इसके लिए लाइसेंस लेना भी आवश्यक नहीं समझा और बिना इजाजत आवासीय इमारत को होटल में बदल दिया। मिली जानकारी के अनुसार बीएमसी की तरफ से नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज किया और निर्माण कार्य जारी रखा था।

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