मुख्यमंत्री के FBlive पर भाजपा नेता की टिप्पणी… ‘सत्य वाक्य’ मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच रही जनता की आवाज़

मुम्बई: देश और राज्य में धीरे धीरे कोरोना का प्रसार कम होने लगा था। ऐसे में एकबार फिर से राज्य में कोरोना का संकट गहरा गया है। विदर्भ के कुछ जिलो के साथ मुम्बई और पुणे जैसे शहरों में कोरोना का प्रभाव बढ़ने लगा है। इससे सरकार और जनता दोनो की चिंता बढ़ गयी है। इसी पृष्ठभूमि पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाईव के माध्यम से जनता से संवाद साधा। बढ़ते कोरोना के केस की वजह से राज्य में एक बार फिर से कड़्क लॉकडाउन लगाने के संदर्भ में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने भाषण के अंत में लॉकडाउन  के संदर्भ में सवाल पूछा इस पर भाजपा नेता केशव उपाध्ये ने मुख्यमंत्री पर टिप्पणी की।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के अंत में राज्य की जनता से सवाल पूछा। लॉकडाउन करना है कि नहीं? उन्होने कहा कि आपने मेरे इस सवाल का जबाब घर बैठे दिया होगा, हाँ या नहीं। मेरी आवाज़ आपतक आ रही है लेकिन आपकी आवाज़ मुझे सुनाई नहीं दे रही है। आने वाले 8 दिनो में राज्य मे कोरोना की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन का निर्णय लिया जाएगा। इसलिए अगर लॉकडाउन नहीं चाहिए तो बिना मास्क घूमना, भीड़ करना, सुरक्षित दूरी न बनाना,बिना कारण घूमना ये सब आपको टालना पड़ेगा। मास्क लगाए, लॉकडाउन टाले, अनुशासन में रहे और लॉकडाउन टाले, मुख्यमंत्री ने लोगो को यह संदेश दिया है। मुख्यमंत्री के भाषण का यही हिस्सा पकड़ कर केशव उपाध्येय ने उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी किया।

मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव में अत्यंत सत्य बाते कही हैं, मेरी आवाज़ आप तक आ रही है लेकिन आपकी आवाज़ मुझ तक नहीं पहुंच रही है। क्योंकि महाराष्ट्र की सर्वसामान्य जनता संकट में हैं, वो मदद का हाथ मांग रहे हैं लेकिन आप घर में बैठे हैं इसलिए उनकी आवाज़ आप तक नहीं पहुँच रही है। उन्हे न तो मदद न ही दिलासा।

मास्क ही आपकी ढाल

उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना की दवा तब भी नहीं थी और आज भी नहीं है। अभी वैक्सिनेशन शुरू हुआ है, अभी तक 9 लाख लोगो को वैक्सीन दिया गया है। और दो तीन कम्पनी वैक्सीन देने वाली है, वो भी जल्द ही हमे उपलब्ध होगा। मैं मुख्यमंत्री के रूप में शिवनेरी गया, ये मेरी किस्मत, वहाँ भीड़ कम थी लेकिन लोगो में उत्साह बहुत था। छत्रपती शिवाजी महाराज ने हमलोगो को प्रेरणा दी है। वार करने के लिए तलवार और वार को झेलने के लिए ढाल की जरूरत होती है। ऐसे ही कोरोना की लड़ाई में तलवार तो नहीं है लेकिन मास्क ही हमारी ढाल है।शिवाजी महाराज ने शत्रु से लड़ने की जिद्द हमें दी है, वो प्रेरणा उन्होंने हमें दी है. उस समय ढाल और तलवार से हम लड़ते थे, अब हम कोरोना के खिलाफ लड़ रहे हैं. इसे वॉर अगेन्सट वायरस कहता हूं. अब तक तलवार यानी वैक्सीन आई नहीं है, लेकिन ढाल हमारे पास है. ढाल यानी मास्क, उसका इस्तेमाल कर हम इससे लड़ सकते हैं.

पार्टी बढाए लेकिन कोरोना न बढाए

पार्टी बढाए लेकिन कोरोना न बढाए ऐसा कह कर मुख्यमंत्री ने बिना कारण आंदोलन न करने की सलाह दी है। कुछ समय के लिए राज्य में रैली, मोर्चा और आंदोलन पर रोक लगया जा रहा है।  हमने मेरा परिवार मेरी ज़िम्मेदारी मुहिम को सफल बनाया अब हमें एक और मुहिम को सफल बनाना है। मै ही जिम्मेदार… अब हर किसी को अपनी ज़िम्मेदारी खुद ही पहचाननी होगी। हमें हर नियम का पालन करना होगा, मास्क सेनेटाइजर के इस्तेमाल इस्तेमाल और सुरक्षित दूरी का पालन करना होगा। हमारे पस 24 घंटे होते हैं इस 24 घंटे में अच्छी देखरेख कर हम इस पर रोक लअगा सकते हैं। वर्क फ़्रॉम होम के माध्यम से हम अपने काम का विभाजन कर सकते हैं। यही अपनी ज़िम्मेदारी है।

ब्रिटेन में लॉकडाउन

शुरू से ही हम कोरोना से पूरी ताकत और धैर्यता से लड़ रहे हैं। पिछले कुछ दिनो से हम कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, हम लापरवाह हो गये हैं। आपकी मांग के अनुसार मंदिर से लेकर अन्य सभी चीज़े शुरू कर दी है। पश्चिमी देशो में अभी भी लॉकडाउन है। ब्रिटेन में तो दिसम्बर से ही लॉकडाउन है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए हमे सम्पर्क रोकना होगा। मेरे मंत्रिमंडल के सहकारी डॉ नितिन राऊत ने अपने बेटे की शादी रद्द कर दी। उनके द्वारा उठाया गया यह कदम उल्लेखनीय है।

कोविड योद्धा का सम्मान करे, लेकिन...

कोविड योद्धा का सम्मान करे लेकिन ऐसा करने के दौरान आप कोरोना दूत न बने। अमरवती में आज हज़ार के आस पास कोरोना मरीज मिले हैं। कोरोना फिर से कहर बरपा रहा है। अभी राज्य में 53 हज़ार एक्टिव मरीज हैं। आज 7 हज़ार नये मरीज मिले हैं। वही मुम्बई में यह आकड़ा 800- 900 तक चला गया है। कोरोना की दूसरी लहर का डर सता रहा है इसलिए जिलाधिकारी को बंधन लगाने के संबंध में आदेश दिये गये हैं।

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