भाजपा नेता पंकजा मुंडे चली शिवसेना की डगर…?

मुंबई : समाचार ऑनलाइन – पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने कल फेसबुक पर पोस्ट किया है कि आगे क्या करना है? यह 12 दिसंबर को तय करते हैं. है. साथ ही पंकजा मुंडे ने ट्विटर हैंडल से भाजपा का नाम भी हटा दिया है. कुछ दिनों पहले ही पंकजा ने ट्वीट कर शिवसेना की तारीफ की है. इन सभी घटनाक्रमों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि क्या पंकजा मुंडे शिवसेना में जाने वाली हैं? राजनीतिक हलकों में अब इस तरह की चर्चा शुरू हो गई है।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, “हारने के कुछ समय बाद, मैंने मीडिया में जाकर इसे स्वीकार कर लिया था. पहले देश, फिर पार्टी और आखिर में हम स्वयं,” बचपन से ही मुझे यह संस्कार सिखाएं गए हैं.

आप मुझसे समय मांग रहे हैं…मैं खुद को समय देने वाली हूं

कल पंकजा मुंडे ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया और आज ट्विटर अकाउंट से भारतीय जनता पार्टी का नाम हटा दिया. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि, 8-10 दिन मुझे खुद से बातचीत करने का समय चाहिए. फिर देखते हैं आगे क्या करना है? कौन से मार्ग पर जाना है? अपने लोगों को क्या दे सकते हैं? अपनी क्या शक्ति है? लोगों की अपेक्षा क्या है? इन सभी बातों पर अच्छी तरह से विचार करने के बाद मैं 12 दिसंबर को आपके सामने आउंगी.

12 दिसंबर को गोपीनाथगढ़ पर मिलते हैं…

हालाँकि पंकजा मुंडे द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद से राजनैतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि पंकजा बीजेपी को छोड़ शिवसेना का हाथ थाम सकती है. इस बात को इसलिए भी बल मिल रहा है, क्योंकि पंकजा ने आखिरी बार 28 नवंबर को ट्वीट किया था। दिन भर उन्होंने अपने ट्वीट शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और शिवसेना की प्रशंसा की थी. इसलिए यह पक्का माना जा रहा है कि मुंडे शिवसेना जॉइन कर सकती है.

पंकजा मुंडे विधानसभा चुनाव में हार गई थी. उनके सामने उनके भाई धनंजय मुंडे खड़े हुए थे, जिनसे पंकजा को हार मिली. ऐसी चर्चा है कि एकनाथ खडसे के बाद पंकजा मुंडे भी बीजेपी से नाराज हैं। इसलिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पंकजा मुंडे 12 दिसंबर को गोपीनाथगढ़ में क्या फैसला सुनती हैं.

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