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भाजपा नेता मनोज तिवारी ने हार के ‘ये’ दो कारण बताएं, हार पर ‘मंथन’ जारी

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नई दिल्ली: समाचार ऑनलाइन-  दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा. विधानसभा चुनाव प्रचार के पहले दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने 48 सीटें जीतने का दावा किया था. लेकिन नतीजों के बाद सभी दावें धराशाही हो गए. भारी शिकस्त के बाद अब मनोज तिवारी ने अपनी हार स्वीकारते हुए कहा है कि हममें में ही कुछ खामियां रही होंगी. साथ ही अपने हार के दो कारण भी बताए हैं.

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CM के चेहरे के साथ चुनाव लड़ते तो…

मनोज तिवारी का कहना है कि-

–    यदि हम मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ चुनाव मैदान में उतरते तो नतीजा कुछ और होता.

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–    मैनिफेस्टो में देरी होना.  लोगों को पता ही नहीं चल पाया कि उनके लिए क्या योजनाएं तैयार की गई हैं.

48 सीटें जीतने का दावा गलत नहीं’ था…

मनोज तिवारी ने कहा कि, हमारा लगभग 40% वोट शेयर है. हमारा पहले से 8% वोट बढ़ना छोटी बात नहीं है. इसलिए मेरा 48 सीटें जीतने का अनुमान गलत नहीं था. साथ ही उन्होंने कहा कि हार की समीक्षा की जा रही है.

जब उनसे पार्टी की नाराजगी के बारे में पूछा गया तो तिवारी ने इस बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि पार्टी ने न तो मुझसे इस्तीफा मांगा है और न ही मैंने इस्तीफा दिया है।

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