भाजपा नगरसेवक ने स्वीकारी पानी की किल्लत की जिम्मेदारी

'नो वॉटर नो वोट' का नारा देनेवाली सोसायटियों से की अपील

पुणे : समाचार ऑनलाइन – पवना बांध शतप्रतिशत भरने के बाद भी पिंपरी चिंचवड़ शहर के कुछ हिस्सों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। खासकर वाकड़, पिंपले निलख की हाउसिंग सोसायटियों में हालात बदतर हो गए हैं। इससे नाराज सोसाइटी धारकों ने ‘नो वॉटर, नो वोट’ का नारा लगाते हुए विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की भूमिका अपनाई है। इस पर सत्तादल भाजपा के स्थानीय नगरसेवक तुषार कामठे ने किल्लत की पूरी जिम्मेदारी खुद पर लेटे हुए बहिष्कार का फैसला वापस लेने की अपील की है।

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इस बारे में विशालनगर सोसाइटी रहवासी संघ को दिए गए पत्र में नगरसेवक कामठे ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि, पानी की किल्लत पिंपरी चिंचवड़ मनपा से जुड़ा मसला है। स्थानीय नगरसेवक के तौर पर इसकी जिम्मेदारी मेरी है। इसके लिए विधायक या दूसरे जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार नहीं माना जाना चाहिए। किल्लत दूर करने में मेरी कोशिशें अपर्याप्त साबित हुई । इसके लिए लोगों से माफी मांगते हुए कामठे ने स्वीकार किया कि उन्हें इसका प्रायश्चित हो रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद इस मसले को शीघ्र हल किया जाएगा। अगर कोई नाराजगी जतानी है तो मनपा चुनाव में करें। इसके लिए विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने लोकशाही के लिए घातक है, यह भी उन्होंने कहा है।

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