हैकर्स के निशाने पर बड़े बैंक, आयकर रिफंड के झांसे में लेकर रकम कर रहे हजम  

नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम : ऑनलाइन बैंकिंग अब हैकिंग की जाल में है। भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली ऑटोबोट इंफोसेक ने अपनी रिसर्च में पाया कि ग्राहकों को टैक्स रिफंड का साझा दे रहे हैं। इन हैकर के निशाने पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट हैं।

हैकर पूरी चालाकी के साथ इस खेल को अंजाम दे रहे हैं। इसके लिए वे इस बार आयकर रिफंड को अपना जरिया बनाया है। कस्टमर के मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजने के बाद वे निर्देश दे रहे हैं कि आपका रिटर्न जल्द ही आपके खाते में जमा हो जाएगा। इसके लिए लिंक पर क्लिक करें। जैसे ही व्यक्ति है लिंक खोलता है, उससे मोबाइल नम्बर, कार्ड नम्बर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मांगी जा रही है। जानकारी साझा करते ही उपभोक्ता उनकी गिरफ्त में होता है। हैकर इसके बाद खाते से पैसा उड़ा ले रहे हैं।

नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक साइबरपीस फाउंडेशन और ऑटोबोट इंफोसेक प्राइवेट लिमिटेड की संयुक्त जांच के मुताबिक, ऐसी वेबसाइट बिना किसी वेरीफिकेशन के डेटा कलेक्ट कर लेती हैं। उन्होंने चेताया है कि बैंक कभी भी अपने ग्राहकों से SMS या ईमेल के जरिए संपर्क स्थापित नहीं करते हैं, जिसमें यूजर्स के अकाउंट के संबंध में लिंक होते हैं। कोई भी रेपुडेट बैंकिंग सुरक्षा कारणों से अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर CMS technologies जैसे जैसे वर्डप्रेस (WordPress) का इस्तेमाल नहीं करती है।

इस फर्जी वेबसाइट पर पर्सनल जानकारी जैसे जैसे नाम, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल, ईमेल पासवर्ड और डेट ऑफ बर्थ मांगी जाती है। फॉर्म सब्मिट के बाद यूजर्स को Thank you पेज पर रिडायरेक्ट किया जाता है, जबकि जिस दिन इनकम टैक्स रिटर्न पर सेंट्रलाइज प्रोसेसिंग सेंटर का सभी काम पूरा हो जाता है उसके 20 से 45 दिन के अंदर टैक्स रिफंड हो जाता है। इस साल बड़ी संख्या में ऐसे टैक्स पेयर्स हैं, जिनकी शिकायत है कि उन्हें रिटर्न फाइल किए हुए 4 से अधिक महीने हो गए, लेकिन उनका टैक्स पर रिटर्न अभी तक नहीं आया है। लिहाजा, वे लोग इन शातिर हैकर के शिकार बन रहे हैं।

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