सावधान…कोरोनाकाल में गले मिलना मना है, डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह 

जेनेवा. ऑनलाइन टीम : कोरोना वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार सतर्क करता जा रहा है, लेकिन वह भी स्वीकार कर रहा है कि इस वायरस की बदलती प्रकृति हमेशा भ्रम में डाल रही है। इसलिए यह बता पाना मुश्किल है कि यह वायरस वास्तव में किस तरह से फैल रहा है और इसे कैसे रोका जाए।

दरअसल, संवाददाता सम्मेलन के दौरान रेयान से यह पूछा गया था कि क्या ‘गले मिलने को ‘करीबी संपर्क माना जा सकता है। इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आपात मामलों के प्रमुख डॉ. माइकल रेयान ने  सीधे जवाब ने देते हए कहा कि खासकर अमेरिका में कोविड-19 के मामलों और संक्रमण से होने वाली मौत के आंकड़े चौंकाने वाले हैं और इसका यही मतलब है कि लोगों को इस साल अपने प्रियजनों के ज्यादा करीब आने से बचना चाहिए।

डॉ. रेयान ने कहा  ”अमेरिका में बेहतरीन स्वास्थ्य प्रणाली और आधुनिक तकनीक हैं, वहां एक मिनट में संक्रमण से एक से दो लोगों की मौत होना चौंकाने वाली बात है। दुनिया में कोविड-19 के कुल मामलों के एक तिहाई मामले अमेरिका में हैं। डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोवे ने कहा कि संक्रमण के अधिकतर मामले साथ भोजन करने और साथ रहने के कारण हुए हैं।

बता दें कि  ब्रिटेन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी क्रिस व्हिटी ने भी नवंबर में ब्रिटिश नागरिकों से कहा था कि अगर वे अपने बुजुर्ग प्रियजनों को जीवित और स्वस्थ देखना चाहते हैं और आगे उन्हें गले लगाना चाहते हैं तो इन छुट्टियों में उनसे गले मिलने और चूमने से परहेज करें।

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