चंद्रकांत पाटिल से पहले सांगोला  के इस प्रोफेसर ने शरद पवार पर किया PhD, लेकिन…….. 

सांगोला /सोलापुर, 2 जून : शहर पवार का नाम पिछले पांच दशक से महाराष्ट्र और देश की राजनीति में हमेशा चर्चा में  रहा है। कोई भी घटना घटी तो इस घटना के पीछे शरद पवार का हाथ होने की चर्चा शुरू हो जाती है।  राज्य हो या देश में कोई भी राजनीतिक घटनाक्रम होता है तो इसके पीछे शरद पवार का अदृश्य हाथ होने की चर्चा शुरू हो जाती है।  उनके मन में क्या चल रहा है इसका कभी भी पता नहीं चलता है। वे कब क्या और कहा क्या करेंगे इसका अंदाज लगाना आज तक किसी से संभव नहीं हुआ।  यह राय राजनीतिक विश्लेषकों की है।

इसलिए शरद पवार बेहद कुशाग्र बुद्धि वाले व्यक्ति के साथ रहस्मयी व्यक्ति के रूप में पहचाने जाते है।  शरद पवार का व्यक्तित्व  पीएचडी का विषय है।  इसलिए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत ;पाटिल अपने भाषण में हमेशा शरद पवार पर पीएचडी करने की बात करते है. लेकिन उनसे पहले सोलापुर के सांगोला  के एक प्रोफेसर ने शरद पवार पर PhD की है।  इस प्रोफेसर का नाम डॉ. दत्तात्रय कालेल है।  वोग सांगोला  तालुका के खिलारवाड़ी में रहते है।

डॉ. दत्तात्रय ने 6 साल की स्टडी करके शिवाजी यूनिवर्सिटी के लिए ‘ आदरणीय शरद पवार साहेब और महाराष्ट्र के प्रगतिशील लोकतांत्रिक दल की सरकार, एक चिकत्सक स्टडी’   यह शोध पेपर पेश किया है।  कालेल पंढरपुर के कर्मवीर भाऊराव पाटिल कॉलेज में राज्यशास्त्र विभाग के विभाग प्रमुख है।
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