बैंक यूनियन ने फिर किया हड़ताल का ऐलान! 27 मार्च से लगातार तीन दिन बंद रहेंगे बैंक

बैंक यूनियन का ऐलान!...मांगे नहीं मानी तो 27 मार्च से  हड़ताल  

 देश के 10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंक करने के सरकार के फैसले का  विरोध  
ऑनलाइन समाचार.नई दिल्ली. – देश के 10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंक करने के सरकार के फैसले पर बैंक कर्मचारियों में विरोध के स्वर फूटने लगे हैं. बैंकों के वियल के खिलाफ बैंक कर्मचारी संगठन लामबंद होने लगे हैं. बैंक कर्मचारियों के दो बड़े संगठनों ने सरकार के इस निर्णय का विरोध करते हुए हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. कर्मचारी संगठनों ने 27 मार्च पर बैंकों में काम रोकने का फैसला किया किया है. अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए- AIBEA) और अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ (AIBOA) ने 27 मार्च को बैंकों में तालाबंदी का ऐलान कर दिया है.
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 10 बड़े सरकारी बैंकों को मर्ज करके 4 बैंक बनाने के फैसले पर अपनी मंजूरी दी थी. कैबिनेट के इस फैसले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का काम जारी है. विलय एक अप्रैल 2020 से प्रभाव में आ जाएगा. इस निर्णय के तहत यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक में, सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में और आंध्र बैंक तथा कॉरपोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में करने का प्रस्ताव है.
बता दें कि यूनियनों का  कहना है कि अगर उनकी ​मांगों को नहीं माना गया तो वे 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल करेंगे. उनकी मांगों में 10 पीएसयू बैंकों के प्रस्तावित विलय को रोकना, आईडीबीआई बैंक का निजीकरण, बैंकिंग सुधारों का रोलबैक, बेड लोन की वसूली और जमा पर ब्याज दर में वृद्धि शामिल है.
 
स्ट्राइक की वजह से 3 दिन बंद रहेंगे बैंक
अगर ये हड़ताल होती है तो बैंकों की इस महीने के आखिर में 3 तीन की छुट्टी हो जाएगी. 27 मार्च को हड़ताल होगी, 28 मार्च को चौथा शनिवार है और 29 मार्च को रविवार की वजह से बैंक की छुट्टी रहेगी. मार्च में अगर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल होती है तो यह इस साल अब तक की तीसरी बैंक हड़ताल होगी. इससे पहले 8 जनवरी को भारत बंद के दौरान बैंक यूनियनों मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया था. इसके बाद 31 जनवरी और 1 फरवरी को हड़ताल रही.

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