मनपा कार्यालयों में प्लास्टिक इस्तेमाल पर रोक

उल्लंघन पर विभाग प्रमुख होंगे दंडित: मनपा आयुक्त ने दी चेतावनी

पिंपरी : समाचार ऑनलाइन – आनेवाली एक मई तक समूचा महाराष्ट्र प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिहाज से राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने हालिया एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसके बाद पिंपरी चिंचवड़ मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर ने मनपा के प्रधान कार्यालय सहित मनपा स्कूलों, अस्पतालों, कार्यालयों, मनपा के कार्यक्रमों में प्लास्टिक का उपयोग करने पर रोक लगा दी है। यहां तक कि पीने के पानी के लिए प्लास्टिक की बोतलों की बजाय कांच या धातु की बोतलों का उपयोग करने को कहा गया है। विभाग प्रमुखों को इस बात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि उनके कार्यालयों में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। इस आदेश का उल्लंघन करता पाए जाने पर विभाग प्रमुखों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी मनपा आयुक्त ने दी है।
महाराष्ट्र सरकार ने 23 मार्च 2018 से प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक अधिसूचना के माध्यम से प्लास्टिक के निर्माण, उपयोग, बिक्री, परिवहन, हैंडलिंग और भंडारण पर प्रतिबंध लगा दिया है।पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने मंगलवार (4 वें) को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्लास्टिक प्रतिबंध की समीक्षा की। 1 मई, 2020 तक पूरा महाराष्ट्र प्लास्टिक मुक्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इस कड़ी में ठाकरे ने सुझाव दिया है कि उस उद्देश्य के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं। इस पृष्ठभूमि पर मनपा आयुक्त ने सभी विभाग प्रमुुुखों को आदेश जारी किए हैं कि, मनपा के प्रमुख कार्यालय, सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, कर संकलन विभाग के कार्यालयों, सभी स्कूलों, अस्पतालों और अस्पतालों के अलावा सार्वजनिक आयोजनों में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। पीने के पानी के लिए प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग के बिना कांच या धातु की बोतलों का उपयोग किया जाना चाहिए। विभाग प्रमुखों को इस बात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। यदि विभाग में कहीं भी प्लास्टिक पाया जाता है, तो विभाग प्रमुखों को दंडित किया जाएगा।
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