बादल पर हमला…हिंसक झड़प के दौरान चले लाठी-डंडे, पत्थरबाजी के बाद फायरिंग भी हुई

चंडीगढ़. ऑनलाइन टीम : कृषि कानूनों और किसान आंदोलन के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर हमले को लेकर बवाल मच गया है।  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूरे मामले की जांच करवाने का अश्वासन दिया है।

दरअसल, दिल्ली से लेकर पंजाब तक किसान आंदोलन  पर राजनीति हो रही है। सभी विपक्षी दल अपने अपने वोट बैंक को बढ़ाने का जुगाड़ कर रहे हैं। कृषि कानून के विरोध में भाजपा की पूर्व सहयोगी अकाली दल  भी मुखर हो रही है। अकाली दल के नेता सुखबीर बादल  और हरसिमरत कौर बादल  लगातार मोदी सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि इससे भी बड़ी लड़ाई अकाली दल को पंजाब में कांग्रेस  से लड़नी पड़ रही है। मंगलवार को इसी परिप्रेक्ष्य में सुखबीर बादल की गाड़ी पर हमला हुआ है।

बताया जा रहा है कि बादल नगर काउंसिल के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नॉमिनेशन भरवाने के लिए फजिल्का के जलालाबाद में एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। इस बीच SAD और कांग्रेसी कार्यर्ताओं के बीच झड़प हो गई। कुछ लोगों ने सुखबीर बादल की गाड़ी पर हमला कर दिया। सूत्रों के मुताबिक नामांकन के लिए सेंटर पर जाने से रोके जाने के दौरान यह भिड़ंत हुई।

जमकर लाठी-डंडे और पत्थरबाजी हुई। फायरिंग की भी जानकारी सामने आई है।  सुखबीर की गाड़ी पर जानलेवा हमला करते भीड़ का वीडियो भी वायरल हुआ है।  यूथ अकाली दल के प्रमुख परमबंस सिंह रोमाना ने दावा किया है कि यह हमला सुखबीर बादल पर किया गया था, क्योंकि उनकी एसयूवी पर भी पथराव हुआ है। गनीमत हुई कि जिस वक्त पत्थरबाजी हुई वे गाड़ी में मौजूद नहीं थे।

गौरतलब है कि पंजाब में निकाय चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया तीन फरवरी को समाप्त हो जायेगी। पांच फरवरी तक नाम वापस लिये जा सकेंगे। 14 फरवरी को मतदान है और 17 फरवरी को मतों की गिनती की जायेगी।

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