ओशो आश्रम बचाने के लिए प्रधानमंत्री से लगाई गुहार

संवाददाता, पुणे। पुणे के काेरेगांव पार्क में स्थित भव्य ओशाे आश्रम की बिक्री के लिए 107 कराेड़ रुपये की बाेली भी लग चुकी है, लेकिन, ओशाे से जुड़े लाखों भक्त इस बिक्री के खिलाफ हैं। 1974 में ओशाे आश्रम की स्थापना के समय से जुड़े स्वामी चैतन्य कीर्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के नाम खुला पत्र लिखकर इसे बचाने की भावनात्मक अपील की है। स्वामी चैतन्य कीर्ति के अलावा ओशाे वर्ल्ड पत्रिका के संपादक कीर्ति के अलावा अन्य ओशाे प्रेमियाें ने भी प्रधानमंत्री माेदी और मुंबई के चैरिटी कमिश्नर काे पत्र लिख कर इस बिक्री काे रुकवाने की मांग की है।

ओशाे इंटरनेशनल फाउंडेशन (ओआईएफ) द्वारा चैरिटी कमिश्नर काे दिए आवेदन में कहा है कि काेराेना संकट के दाैरान अप्रैल 2020 से लेकर सितंबर 2020 तक 3 कराेड़ 65 लाख रुपये खर्च हुए हैं। ट्रस्ट काे और पैसाें की जरूरत है, इसलिए यह प्लाॅट बेचना है। आश्रम का प्लाट बिकने की जानकारी मिलने पर ओशाे के शिष्य याेगेश ठक्कर- स्वामी प्रेमगीत और किशाेर रावल-स्वामी आनंद ने ओआईएफ के आवेदन काे चुनाैती देते हुए हस्तक्षेप याचिका दायर की है। 14 जून काे ओशाे इंटरनेशनल फाउंडेशन की याचिका पर मुंबई में चैरिटी कमिश्नर के पास सुनवाई थी जो अब 22 जून को होगी।
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