एयर वाइस मार्शल राजेश वैद्य बने AFMC के डीन

पुणे: एयर वाइस मार्शल राजेश वैद्य वीएसएम की पुणे स्थित सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज के डीन और डिप्टी कमांडेंट की नियुक्ति की। वे 1981 बैच से आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज का पूर्व छात्र हैं और 1985 में भारतीय वायु सेना में कमीशन हुए थे। शुरूआत में फाइटर और ट्रांसपोर्ट स्क्वाड्रन दोनों में स्क्वाड्रन मेडिकल ऑफिसर के रूप में उन्होने कार्य किया। उन्होंने AFMC से कम्युनिटी मेडिसीन में विशेषज्ञता हासिल की और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन से अपना DNB क्वालीफाई किया ।

निदेशक (स्वास्थ्य) के रूप में वह सशस्त्र बलों में एड्स नियंत्रण के नोडल अधिकारी थे। वह सम्मेलन निदेशक थे जिन्हें 2017 में अंतर्राष्ट्रीय सैन्य समिति की 42 वीं विश्व कांग्रेस, AFMS द्वारा आयोजित अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सैन्य चिकित्सा सम्मेलन की योजना, आयोजन और संचालन का पूरा नियंत्रण सौंपा गया था।

उनका अकेडमिक रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। वह पूना विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेस और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड में स्नातकोत्तर शिक्षक और परीक्षक हैं। उन्होंने कई शोध पत्र लिखे हैं और प्रोफेशनल बुक में कई अध्याय लिखे हैं। वह सार्वजनिक स्वास्थ्य (द रेड बुक) की सशस्त्र सेना पुस्तक के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रकाशित सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामुदायिक चिकित्सा बुक के एडीटोरियल बोर्ड में थे।

इस नियुक्ति से पहले एवीएम राजेश वैद्य वायु सेना केंद्रीय चिकित्सा प्रतिष्ठान (एएफसीएमई) की कमान संभाल रहे थे जो कि भारत में सर्वोच्च चिकित्सा मूल्यांकन संस्थान है। उनके समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए, उन्हें 2013 में चीफ ऑफ एयर स्टाफ कमेंडेशन और 2019 में विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) से सम्मानित किया गया। वायु अधिकारी की शादी विंग कमांडर आशिमा वैद्य (सेवानिवृत्त) एएफएमसी के पूर्व छात्र से हुई है। वह रेडियोडायग्नोसिस में एक वरिष्ठ सलाहकार हैं और यहां आने से पहले दिल्ली में काम कर रही थीं।

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