चने खाने के फायदे, नुकसान और कैसे इस्तेमाल करें

पुणे : भारत में चने को  प्रमुख खाद्यान पदार्थो में माना जाता  है। इसे  बहुत ही  पौष्टिक और फायदेमंद आहार के रूप में उपयोग किया जाता है। लेकिन क्या आप इसके फायदे और नुकसान जानते है। यह हमें स्वस्थ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चने को का नियमित सेवन करने से यह वजन कम करने, ह्रदय को स्वस्थ रखने, केलोस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित करने, मधुमेह को नियंत्रित करने और पाचन को ठीक करने में मदद करता है।

चने के पोषक तत्व

चना एक ऐसा खाद्यान है जो हमें ऊर्जा दिलाने दिलाने में और साथ में विभिन स्वस्थ्य लाभ दिलने में मदद करता है। चने में बहुत ही पोषक तत्व होते है।

चने खाने के फायदे

हम जानते है की चना हमारे लिए एक प्रमुख खाद्य आहार है। हम इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के तैयार करने के लिए कर सकते है। यह हमारे शरीर को ऊर्जा दिलाने  के साथ ही त्वचा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओ को दूर करने में मदद करता है। आप इसे लाभ प्राप्त करने के लिए चने को भून कर, भिंगो कर, पीसकर और अंकुरित करके इस्तेमाल कर सकते है। चने खाने के स्वास्थय लाभ क्या है आईये जाने विस्तार से।

चने खाने के फायदे वजन कम करने में 

आपके संतुलत आहार में फाइबर खाद्य पदार्थ का होना आवश्यक है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ आपके वजन को कम करने में काफी मदद करते है। चने में घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही प्रकार के फाइबर अच्छी मात्रा में मिलते हैं।

घुलनशील फाइबर हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है। जबकि अघुलनशील फाइबर कब्ज और अन्य पाचन समस्याओ को रोकता है। इसके अलावा ये आपके भूख को नियंत्रित कर आपको पूर्णता का एहसास दिलाती है। इसके वजह से आपको बार बार भूख का एहसास नहीं होता है। उबला हुआ चना खाने से भक काम लगती है। इस प्रकार से भूख कम करने के लिए अतिरिक्त कैलोरी का उपयोग ऊर्जा निर्माण के लिए किया जाता है। इस प्रकार चना खाने के फायदे आपके वजन को कम करने में सहायक हो सकते है।   चने के इस बिशेष गुण का लाभ आप भी प्राप्त कर सकते है।

चने के औषधीय गुण  से करे मधुमेह को दूर 

चना विशेष रूप से फाइबर समृद्ध होता है। इन पोषक तत्व की उपस्थिति आपको मधुमेह से भी बचा सकती है। अध्ययनों से पता चला है की टाइप 1 मधुमेह वाले लोग जो उच्च फाइबर आहार का सेवन करते है उनमे रक्त गलूकोज स्तर कम हो जाता है। इसी प्रकार टाइप 2 मधुमेह वाले लोगो के लिए उच्च फाइबर सामग्री का सेवन रक्त, लिपिड और इंसुलिन के स्तर में सुधार करता है। इसके अलावा चने में कार्बोहइड्रेट भी होता है जो कि धीरे धीरे पचते है।सुबह के समय चने का सेवन करने से आप अपनी प्रतिरक्षा शक्ति को भी बढ़ा सकते है। इसलिए चना मधुमेह रोगी और सामान्य लोगों के लिए बहुत ही फायदे मंद है।

चने ह्रदय के स्वास्थ्य लाभ के लिए 

आपके हृदय को स्वास्थ्य रखना बहुत जरुरी है क्युकी आपका ह्रद्य शरीर का इंजन होता है। यदि इंजन बंद हो जाये तो जीवन लीला समाप्त हो जाएगी। इसके लिए चने का इस्तेमाल कर सकते है चने में एन्टीऑक्सीड, एंथोसाइनिन, डेल्फिन्डिन, साइनाइदिन और पेंटूनिडीन के साथ फाइटोनूट्रियट्स भी अच्छी मात्रा में होते है। ये सभी पोषक तत्व वाहिनियों को स्वास्थ्य रखने में मदद करता है और ऑक्सीडेटव तनाव को रोकता है जिससे दिल का बीमारीयो का खतरा कम हो सकता है।

चना क्लोस्ट्रोल कम करने उपयोग करता है 

शरीर में क्लोस्ट्रोल की आधी मात्रा से रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। आप इसे कम करने के लिए चने के लाभ प्राप्त कर सकते है। चने में घुलनशील फाइबर पित्त एसिड को बांधता है और उन्हें शरीर द्वारा अवशोषित होने से रोकता है। इस प्रकार यह शरीर में क्लोस्ट्रोल के सत्र को कम करता है। 1/2 कप चने को प्रतिदिन सेवन किया जाये तो एल्डीहाल कोलेस्ट्रालकुल कोलेस्ट्रॉल ट्राइग्लिसराइडस को कम करने में मदद करता है। आप भी नियमित आहार में चने का उपयोग के के फायदे प्राप्त कर सकते है।

भींगे चने के फायदे पाचन शक्ति के लिए 

यदि आप पाचन क्रिया से परेशान है तो चना आपकी मदद कर सकता है। चने में फाइबर की बहुत अच्छी मात्रा होती है। इसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही फाइबर होते है। ये दोनों ही पाचनतंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते है। फाइबर आपकी आंतो में तनाव को कम कर कब्ज और अन्य समस्याओ को कम करने में सहायक होते है यदि आप दस्त या पेचिस से परेशान है तो इसका उपचार करने के लिए आप 500 मिलीलीटर पानी में 2 मुठ्ठी चने को रातभर भीगने दे। अगली सुबह आप इस पानी को पीए। आप इस भीगे चने का सेवन कर सकते है। आप कब्ज से परेशान है तो चने को भीगा कर उसमे अदरक और जीरा पावडर भी शामिल करे और अगली सुबह इस पानी का सेवन करे। यह आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ और पाचन संबंधी  समस्याओ का उपचार करने में प्रभावी होता है।

चने से कैंसर का उपचार करे
  चने खाने से इसमें विशिष्ट प्रकार के कैंसर के खिलाफ रोकथाम में मदद करते है। इसमें कुछ ऐसे यौगिक मौजूद है जो आपके शरीर एंटी.कैंसर कोशिका को हटाने में मदद करता है। इसके अलावा चने में घुलनशील फाइबर क्लोन तक पहुंच कर जहा वेक्टीरिया द्वारा शर्ट चेन एसिड में टूट जाता है जो कालों कोशिकाओ द्वारा अवशोषित होते है और ऊर्जा के लिए उपयोग किये जाते है। विशेष रूप से क्लोन कैंसर के खतरे को कम करता है। इस तरह यह कैंसर की रक्षा करता है।

चने के फायदे महिलाओं के लिए 

चने से फायदे महिलाओं के लिए भी होते है। यह महिलाओं में होने वाली समस्याऔं जैसे स्तन रोग ऑस्टियोपरोसिस आदि को रोकनर में मदद करता है। इसके अलावा रजोनिवृत्तिके बाद महिलाओं में हॉट फ्लैश को कम करने में मदद करता है। ब्राउन शुगर और देशी धी के साथ भुना हुआ चना खाने से ल्यूकोरिया का इलाज किया जा सकता है। इस तरह चना महिलाओं के लिए भी फायदेमंद होता है।

भुने चने खाने से ऊर्जा बढ़ाने के फायदे 

भुना चना खाने से आप तत्काल ऊर्जा प्राप्त कर सकते है। इसलिए इसे विशेष आहार माना जाता है अघिक मात्रा में ऊर्जा दिलाने के कारण ही घोड़ो को भी चना खिलाया जाता है। चना प्रोटीन में उच्च होता है जो शरीर को पर्याप्त मात्रा में शक्ति और ऊर्जा दिलाने में मदद करते है। रात में भिंगोये गए चने को सुबह खाने से आप दिन भर ऊर्जा प्राप्त कर सकते है।

चना बालों एवं त्वचा के लिए फायदेमंद 

आप अपने बालों और त्वचा को स्वस्थ्य रखने चने का प्रयोग कर सकते है। ये हमारे बालो को मजबूत बनाने में मदद करता है। क्योंकी चने में विटामिन बी 6 और जस्ता होता है ये दोनों खनिज बालो के लिए प्रोटीन बनाने में मदद करते है। इसके अलावा चने विटामिन ए और जस्ता बालो को झड़ने और डेंड्रफ के उत्पाद कम करने में सहायक होते है।

चने खाने के नुकसान 

चने का सेवन करने से कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते है। यदि कम मात्रा में इसका सेवन किया जाये तो फायदेमंद होता है। इसके पौधे में आलिगोसाक्राइडस होते है जिन्हे जटिल शर्करा कहा जाता है। इन शर्करा को तोड़ने के लिए इस एंजाइम की आवश्यकता होती है। इस कारण चने की फलिया की खपत कुछ लोगो को आंतो की गैस और असुविधा का कारण बन सकती है। इस कारण चने का सेवन अधिक मात्रा में न करे।

You might also like

Comments are closed.