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पुलिसवालों की संतानों को उद्यमी बनाने का अनूठा उपक्रम

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पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त कृष्णप्रकाश की पहल की गृहमंत्री अनिल देशमुख ने की सराहना
पिंपरी। दृष्टिहीनों की वेदनाओं को समझने के लिए ‘गांधारी’ की भूमिका, बाल अपराधियों के लिए दत्तक योजना, पुलिसकर्मियों को तंदुरुस्त बनाने जैसे अलग-अलग उपक्रमों से पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त कृष्णप्रकाश सभी की सराहना का पात्र बने हुए हैं। इस कड़ी में उन्होंने पुलिसकर्मियों की संतानों के लिए एक अनूठा उपक्रम शुरू किया है। अब पुलिस सेवा में कार्यरत और सेवानिवृत्त हुए पुलिसकर्मियों की संतानों को उद्यमी बनाने के लिए उन्होंने कमर कसी है।
इस उपक्रम के तहत पुलिसकर्मियों की संतानों को उद्यमिता प्रशिक्षण चलाने से लेकर उद्योग शुरू करने के लिए सहूलियती कर्ज योजना भी शामिल है। पुलिस आयुक्त के इस अनोखे उपक्रम की खुद गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सराहना की है। गृहमंत्री अनिल देशमुख ने एक ट्वीट के जरिए पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त कृष्णप्रकाश की सराहना करते हुए कहा है कि, पिंपरी चिंचवड पुलिस दल के पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने पुलिस कर्मियों की संतानों को उद्यमी बनाने के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण और सहूलियती कर्ज उपलब्ध कराने का उपक्रम शुरू किया है। उनकी यह पहल पुलिस पाल्यों के भविष्य की दृष्टि से निश्चित रूप से सराहनीय है।
पुलिस घटक अक्सर अनदेखा किया जाता रहा है।उसी में ड्यूटी का टाईमटेबल तय न रहने से पुलिसकर्मी अपने परिवार का ध्यान कम रख पाते हैं। वे केवल अपने बच्चों की शिक्षा के लिए ही नियोजन कर पाते हैं। इसे ध्यान में लेकर पिंपरी चिंचवड़ के पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश एक नई संकल्पना लेकर आए हैं। इसके तहत पुलिसकर्मियों की संतानों को  उद्यमी बनाने का प्रयास किया जाएगा। महाराष्ट्र उद्यमिता विकास केंद्र, पुणे के सहयोग से, पिंपरी चिंचवड़ शहर पुलिस बल में पुलिस कर्मियों के लिए यह पहल की गई है। शहर के पुलिस बल को सभी कार्यरत और सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की जानकारी एकत्र कर उन्हें इस पहल के बारे में बताया जाएगा।  उसके बाद, एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें उन्हें उचित मार्गदर्शन और मदद दी जाएगी।
सभी पुलिस कर्मियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए सभी प्रकार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।  इस पहल के जरिये बैंकों के माध्यम से सरकार से 50 लाख रुपये तक के ऋण उपलब्ध होंगे। इस लोन पर सरकार की 15 से 35 फीसदी की सब्सिडी भी है।  इससे भविष्य में पुलिस को एक बड़ा उद्यमी बनने में मदद मिलेगी। इस पहल में फल प्रसंस्करण, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी प्रसंस्करण, सौर प्रसंस्करण, गृह व्यवस्था, खानपान, बागवानी, दो पहिया वाहन गैरेज, बिजली के घरेलू उपकरण, मसाले, पैकेजिंग, परिधान निर्माण, पेंट, नलसाजी और अन्य उद्योग शामिल होंगे। सभी पुलिस स्टेशन प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे काम करने वाले और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और उनके बच्चों की जानकारी एकत्र करें और उनसे फॉर्म भरें।
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