6 वर्षीय बालक के साथ मौसी ही करती थी घिनौना काम, कोर्ट हुआ सख्त

नागपुर. रिश्तों को शर्मसार करने वाली खबरें अक्सर आती हैं और वे आमतौर पर बालिकाओं से जुड़ी होती हैं। बालकों के साथ आप्राकृतिक कृत्य की घटनाएं होती है, लेकिन इस प्रकरण में तो एक युवती ने हद कर दी। उसके घिनौने काम को अदालत ने भी गंभीर माना और जमानत देने से इनकार कर दिया।

नागपुर के इतवारी क्षेत्र का यह मामला है। पीड़ित बच्चे के माता-पिता ने आपसी सहमित से दिसंबर 2013 तलाक ले लिया था। उस समय बच्चे की उम्र मात्र 2 वर्ष थी, इसलिए उसे कोर्ट ने कस्टडी उसकी मां को सौंपी थी। बेटे के साथ उक्त महिला मायके में रह रही थी। हालांकि अदालत के आदेशानुसार, बच्चे का पिता उससे मिलने जाया करते थे। एक दिन बच्चे ने पिता को अपनी आपबीती बताई। कहा कि उसका जननांग दुखता है। पिता को शक हुआ तो फुसलाकर पूरी बात बताने को कहा। 6 साल का बच्चा बाप के प्यार में सब कुछ बोलता चला गया। बोला-रात में मौसी अपने पास सुलाती है और गंदा-गंदा काम करती है। पिता ने बाल कल्याण समिति के पास इसकी शिकायत की।

बाल कल्याण समिति ने इस मामले में अपनी जांच की। जांच अधिकारी के सामने बच्चे ने भी इस बात की पुष्टि कर दी। पुलिस की जांच में बच्चे ने खुलासा किया कि उसने अपनी आपबीती अपनी मां को बताई थी, लेकिन मां ने उसकी बात को महत्व नहीं दिया। विशेष सत्र न्यायालय में आरोपियों ने स्वयं को बरी करने की अर्जी दायर की, लेकिन निचली अदालत ने याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने भी मौसी की याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ने कहा- प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट (पोक्सो अधिनियम) का गठन ही बच्चों की यौनाचारों से सुरक्षा के लिए किया गया है। ऐसे मामले में एक निष्पक्ष ट्रायल से ही सच्चाई सामने ला सकता है। मुख्य आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती।

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