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नए साल की पहली तारीख से दौड़ने लगेंगी काफी ट्रेनें, रेलवे बोर्ड ने लिया फैसला 

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भोपाल. ऑनलाइन टीम : सबकुछ ठीक रहा तो लॉकडाउन में बंद की गई लगभग 12 हजार लगभग में से 8000 से ज्यादा यात्री ट्रेनें पटरी पर दौड़ने लगेंगी। रेल सफर की मौजूदा मुश्किल सफर को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अहम फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, रेलवे बोर्ड एक जनवरी से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने जा रहा है। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है, क्योंकि रेलवे को अरबों रुपये का नुकसान हो रहा है। यात्रियों से होने वाली आवक लगभग बंद है। यही स्थिति रही तो रेलकर्मियों को वेतन देने और वर्तमान में चल रहे बड़े प्रोजेक्टों पर रुपये खर्च करने में आर्थिक संकट गहरा सकता है।

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अभी गिनी-चुनी ट्रेनें चल रही है, जिनमें यात्रियों को कन्फर्म सीटें नहीं मिल रही हैं। कुछ ट्रेनों में तो नो रूम की स्थिति है, हालांकि ट्रेनों में सफर के लिए कोरोना गाइडलाइन को रेलवे और सख्त कर सकता है। लेकिन ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को कन्फर्म सीटें मिलेंगी। वैसे यात्री भी अभी कोरोना के चलते सफर करने से बच रहे हैं। केवल त्योहार और जरूरी होने पर ही ट्रेनों में यात्रा कर रहे हैं। कम ट्रेन चलने के कारण अधिकतर स्पेशल ट्रेनों में वेटिंग लगातार बढ़ रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए यह फैसला लिया गया है कि जल्द से जल्द सभी ट्रेनें फिर से पटरी पर लौट आएं।

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ रेलमार्गों पर यात्रियों का दबाव अधिक है और ट्रेनों में कन्फर्म सीटें नहीं मिल रही है। ऐसे रेल मार्गों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। अभी इसे अनुमति नहीं मिली है। यदि मिलती है, तो ही संबंधित रेलमार्गों पर लॉकडाउन में बंद की गई ट्रेनों में से 70 फीसद तक ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इसके लिए कुछ ट्रेनों के समय और स्टेशनों में जरूरत के हिसाब से बदलाव किया जा सकता है। रेलवे उन ट्रेनों को कुछ समय तक बंद करने की भी योजना पर भी काम कर रहा है, जो क्षमता के अनुरूप 50 फीसद से अधिक खाली चल रही हैं। पूर्व में मुंबई-अहमदाबाद और दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस को बंद भी किया जा चुका है। इन दोनों ट्रेनों का संचालन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन करता है।

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