प्रतिबंधों की वजह से मुंबई को 72 हज़ार करोड़ का नुकसान ; जबकि राज्य को सवा लाख करोड़ रुपए का नुकसान 

 

मुंबई, 26 मई : कोरोना संबंधी प्रतिबंधों के कारण मुंबई के व्यापारियों का अब तक 72 हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।  महाराष्ट्र में सबसे अधिक नुकसान मुंबई के व्यापारियों का हुआ है।  राज्य भर के व्यापारियों को सवा लाख करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।  इसलिए 1 जून से व्यवसाय को परमिशन देने की मांग व्यापारियों दवारा की जा रही है।

राज्य सरकार ने 15 अप्रैल को कोरोना संबंधी प्रतिबंध लागू किया था।  इस दौरान अक्षय तृतीया जैसा बड़ा त्यौहार आकर चला गया।  गर्मी में पर्यटन का वक़्त होता है।  इस दौरान कपड़े, बैग जैसी चीजों की बड़ी मात्रा में खरीदारी की जाती है।  यह शादी का भी मौसम होता है।  इस अवधि में विवाह संबंधी कपडे ख़रीदे जाते है।  फ़िलहाल कोरोना पर नियंत्रण के लिए लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी वस्तुओं की बिक्री बंद है।  इसलिए इन चीजों की खरीदारी नहीं हो सकती है।  इसका काफी बड़ा झटका व्यापारी वर्ग को लगा है।
अखिल भारतीय व्यापारी महासंघ (कैट) ने इस मुद्दे को उठाया है।  महासंघ के मुंबई प्रदेशाध्यक्ष शंकरभाई ठक्कर ने कहा है कि पिछले वर्ष के लॉकडाउन के कारण व्यापार तीन से चार महीने बंद था।  वर्ष भर मंदी जैसा वातावरण हैं . कुछ हद तक व्यापारियों की नई संजीवनी मिल रही थी तो दूसरा प्रतिबंध लगा दिया गया।  पहले ही पिछले लॉकडाउन के दौरान 15% व्यापारी को तगड़ा झटका लगा था।  लेकिन अब डेढ़ महीने के प्रतिबंधों के बाद कोरोना की लहर शांत पड़ गई है।  इसलिए एक जून से सभी तरह से व्यवसाय को परमिशन मिलना आवश्यक है।  अन्यथा व्यापारी वर्ग और उनपर निर्भर कर्मचारियों का हाल ख़राब हो जाएगा।
मुंबई शहर, उपनगर व महानगर क्षेत्र में करीब 4 लाख व्यापारी है।  इन व्यापारियों पर निर्भर कर्मचारियों की संख्या 40 लाख घर है।  पिछले लॉकडाउन के दौरान करीब पांच लाख लोगों को रोजगार गया था।  इसलिए अब व्यापार पर प्रतिबंध नहीं लगाए नहीं तो बेरोजगारी का आंकड़ा फिर बढ़ेगा।  1 जून से सभी तरह के व्यवसाय को परमिशन मिलनी चाहिए।  यह मांग कैट ने की है।
देश का 12% नुकसान 
कैट दायरा की गई स्टडी के अनुसार फ़िलहाल देशभर में कही न कही लॉकडाउन जैसी स्थिति है।  इस वजह से देशभर के व्यापारियों को 12 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।  इनमे 12% नुकसान महाराष्ट्र का हुआ है।  इसलिए अब प्रतिबंध हटाने की नितांत जरुरत है।
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