ऑक्सीजन की किल्लत पर रातोंरात 22 टन ऑक्सीजन उपलब्ध

पिंपरी चिंचवड़ मनपा ने गठित की ऑक्सिजन प्रबंधन समिति 
पिंपरी। बीते दो दिन से पिंपरी चिंचवड़ मनपा के जंबो कोविड, ऑटो क्लस्टर और अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत बनी रही। कल तो रातभर में मनपा और निजी अस्पतालों का ऑक्सीजन कभी भी खत्म हो सकने जैसे हालात बने रहे। हालात बिगड़ने के अंदेशे से अस्पतालों ने पुलिस से संपर्क बनाए रखा। कई अस्पतालों में देर रात तक पुलिस का पहरा था। हालांकि मनपा, जिलाधिकारी कार्यालय और संभागीय आयुक्तालय के आला अधिकारियों की कोशिशों के बाद मंगलवार की रातोंरात तीन टैंकर द्वारा 22 टन ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा सका।
बुधवार को मनपा प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि, शहर में ऑक्सीजन की किल्लत जरूर थी लेकिन वह पूरी तरह से खत्म होने जैसे हालात बिल्कुल न थे। संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी के सहयोग से रातोंरात 22 टन ऑक्सीजन उपलब्ध हो सका। इसमें ऑक्सीजन समन्वयक स्मिता झगडे ने बड़ी भूमिका निभाई। संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी के विशेष सहयोग से तीन टैंकर से 22 टन ऑक्सीजन मे.सहानी, मे आयनॉक्स व मे एअर लिक्वीड नामक कंपनियों से उपलब्ध हो सका। फिलहाल जंबो कोविड, ऑटो क्लस्टर, गवली माथा और अन्य जगहों पर जरूरी ऑक्सीजन का स्टॉक उपलब्ध है।
समय समय पर ऑक्सीजन का स्टॉक उपलब्ध हो इसके लिए अन्न व औषधि प्रशासन के साथ समन्वय बनाया जा रहा है। निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन के जंबो सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन के अभाव में शहर में मंगलवार की रात कोई अनुचित घटना नही घटी है। बहरहाल मनपा प्रशासन ने ऑक्सीजन की किल्लत, उपलब्धता आदि मसलों को ध्यान में लेकर ऑक्सीजन प्रबंधन समिति गठित की है। इस समिति में कार्यकारी अभियंता सतिश इंगले, प्रमोद ओंभासे की बतौर समन्वय अधिकारी के नियुक्ति की गई है। उपअभियंता मोहन खोंदरे, कनिष्ठ अभियंता संदीप पाडवी, अमोल धडस, दिग्विजय पवार, संभाजी गायकवाड, चंद्रकांत गुंडाल, प्रवीण धुमाल आदि इन समन्वय अधिकारियों के नियंत्रण में इस समिति का कामकाज देखेंगे। जिलाधिकारी कार्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों व आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में रहकर कामकाज करने के लिए उपअभियंता दीपक करपे, सहायक समाज विकास अधिकारी सुहास बहादरपुरे की नियुक्ति की गई है।
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