ड्रेनेज लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में दबकर 2 मृत

मृतकों में दमकल का जवान भी शहीद; 4 लोगों को सुरक्षित निकाला

तमाशबीनों की वजह से बढ़ी हादसे की भीषणता
पिंपरी : समाचार ऑनलाइन – ड्रेनेज लाइन के लिए खोदे गए एक करीबन 25 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से एक दमकलकर्मी समेत 2 लोगों की मौत हो गई। इस गड्ढे में कुल छह लोग फंसे थे, जिनमें से चार को बचा लिया गया। इस घटना में पिंपरी चिंचवड मनपा के दमकलकर्मी ने गड्ढे से निकाले जाने के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ा जबकि यहां काम कर रहे एक मजदूर की लाश सोमवार तड़के बरामद हुई। गड्ढे में फंसे इन छह लोगों में फायर ब्रिगेड के तीन कर्मचारी शामिल थे, जोकि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंचे थे। अब रेस्क्यू ऑपरेशन को बंद कर दिया गया है। इस हादसे की भीषणता मौके पर उमड़ी तमाशबीनों की भीड़ की वजह से बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
पिंपरी चिंचवड शहर के दापोड़ी के गणेशनगर इलाके में बीती शाम छह बजे के करीब घटी इस घटना में मरनेवालों के नाम नागेश कल्याणी जमादार (22, निवासी दापोड़ी, पुणे, मूल निवासी बड़दाल, अफजलपुर, कर्नाटक) और विशाल हणमंतराव जाधव (32, निवासी मोशी, पुणे मूल निवासी सातारा) है। इनमें से विशाल जाधव मनपा दमकल विभाग में बतौर फायरमैन के कार्यरत था। शहर की महापौर उषा ढोरे ने भरोसा दिलाया कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बिल्कुल बख्शा नहीं जायेगा। वहीं मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर ने इस हादसे की जांच के लिए शहर अभियंता और सहशहर अभियंता की समिति गठित किये जाने की घोषणा की है। प्राथमिक नजर में इस हादसे में ठेकेदार की लापरवाही नजर आ रही है, यह भी उन्होंने कहा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दापोड़ी के गणेशनगर में ड्रेनेज लाइन बिछाने का काम शुरू है। इसके लिए खोदे गए करीबन 20 फीट गहरे गड्ढे में नागेश जमादार गिरकर फंस गया था। इस शख्स को बचाने के लिए सीताराम कैलास सुरवसे और ईश्वर सूर्यकांत बड़गे नामक दोनों मजदूर उसमें उतरे, मगर वे भी फंस गए। हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही रेस्क्यू के लिए पिंपरी चिंचवड मनपा के दमकल विभाग के कर्मचारी पहुंचे थे। रेस्क्यू के दौरान गड्ढे में छह दमकलकर्मी उतरे जिनमें विशाल जाधव के साथ सरोष फुंडे और निखिल गोगावले शामिल थे। तमाशबीनों की भीड़ उमड़ने से गड्ढे के बाहर रहे मिट्टी का मलबा गड्ढे में गिरने लगा, जिससे हादसे की भीषणता बढ़ गई। इस मलबे में सभी दब गए, हालांकि तीन जवान बाहर निकलने में सफल रहे। दमकल की फौज बढ़ाने के साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई।
इसके बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में पहले मलबे में दबे सुरवसे और बड़गे को बाहर निकाला गया। इसके बाद फायरमैन फुंडे, गोगावले और जाधव नामक तीनों जवानों को बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां विशाल जाधव ने दम तोड़ दिया। रात 12 बजे तक नागेश मलबे तले दबे रहे। उन्हें ऑक्सिजन की आपूर्ति की जाती रही। तड़के साढ़े तीन बजे के करीब उन्हें बाहर निकाला गया लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को बंद कर दिया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही महापौर उषा ढोरे, मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर, विपक्षी दल के नेता नाना काटे, पूर्व महापौर सँजोग वाघेरे, स्थानीय नगरसेवक राजू बनसोडे, माई काटे, आशा शेंडगे, चंद्रकांता सोनकंबले, मनपा आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख ओमप्रकाश बहिवाल, दमकल विभाग के प्रमुख किरण गावड़े आदि पहुंचे रहे। आज सुबह संत तुकाराम नगर स्थित दमकल विभाग के मुख्यालय में शहीद फायरमैन विशाल जाधव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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