करोड़ो रूपए के घोटाले मामले में समता प्रतिष्ठान के 13 कर्मचारी निलंबित

मुंबई: बार्टी के अंतर्गत नागपुर के डॉ बाबासाहेब आंबेडकर समता प्रतिष्ठान में पिछले सरकार के दौरान करोड़ो रूपए के घोटाले की बात जांच में सामने आई है। इस प्रतिष्ठान के 13 कर्मचारियो को निलंबित किए जाने की घोषणा सामाजिक न्यायमंत्री धनंजय मुंडे ने विधानसभा में की। इस प्रकरण की एसआईटी जांच की जाएगी।

प्रश्नोत्तर के दौरान शिवसेना के सुनील प्रभु ने घोटाले के बारे में सवाल किया था। इस भ्रष्टाचार में कौन से पूर्व मंत्री के रिश्तेदार शामिल हैं, घोटालेबाज पर क्या कारवाई करनेवाले हैं, टेंडर निकाले बिना कम कैसे दिया गया आदि सवाल उठाए गये।

ऑडिट रिपोर्ट में साढे तीन करोड़ रूपए के भ्रष्टाचार की जानकारी सामने आई है। संस्था को सरकार की ओर से दिए गए 16 करोड में से 14 करोड रकम के घोटाले का अंदाजा लगाया जा रहा है। सामाजिक न्याय विभाग कए प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। इस समिति की रिपोर्ट आने के बाद कारवाई करने की जानकारी धनंजय मुंडे ने दी।

विभाग को बिना पूछे लाखों की निधि का वितरण, खाना बनाने के लिए प्रोजेक्ट ऑफिसर नियुक्त करना आदि गंभीर कार्य किए गए हैं। भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि अधिकारियों के नाम ले और उसे निलंबित करे। इसपर चार अधिकारियों के निलंबन की घोषणा करते हुए मुंडे ने कहा कि प्रधान सचिव की जांच में अगर बार्टी के तत्कालीन महासंचालक दोषी पाए गये तो सभी दोषियों पर कड़ी कारवाई की जाएगी। निलंबित अधिकारी कर्मचारियों के नाम उन्होने सभागृह के टेबल पर रखा।

निलंबित अधिकारी कर्मचारियों के नाम इस प्रकार हैं

लेखाधिकारी शीलसागर चहांदे, परियोजना अधिकारी सोनाली बडोले, ज्योती करवदे, श्यामराव बंसोदे, उमेश सांगोदे, उपास वाघमारे, नागेश वाहूरवाघ, तुषार सूर्यवंशी, ओमेश नंदेश्वर, प्रकाश रहांगदाले, परियोजना समन्वयक बादल श्रीरामे, परियोजना सहायक हर्षल गावंदे, चपरासी संगीता नुन्हारे को निलंबित किया गया है।

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