ह्यूमेन सेल्स को संक्रमित करने के लिए कोविड-19 वायरस अत्यधिक अनुकूलित था : अध्ययन

सिडनी, 25 जून (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने पाया है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस, जो कोविड-19 महामारी का कारण बना, वह चमगादड़ और पैंगोलिन कोशिकाओं की बजाए मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने के लिए सबसे आदर्श रूप से अनुकूलित है ।

फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी और ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने मनुष्यों को संक्रमित करने की क्षमता और 12 घरेलू और विदेशी जानवरों की एक श्रृंखला पर वायरस के प्रभाव का पता लगाने के लिए उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटर मॉडलिंग का उपयोग किया।

नेचर जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन के लिए, वैज्ञानिकों ने प्रत्येक प्रजाति के लिए प्रमुख एसीई प्रोटीन रिसेप्टर्स के कंप्यूटर मॉडल बनाने के लिए 12 जानवरों की प्रजातियों के जीनोमिक डेटा का उपयोग किया।

परिणामों से पता चला कि सार्स-सीओवी-2 मानव कोशिकाओं पर चमगादड़ और पैंगोलिन सहित किसी भी परीक्षण की गई पशु प्रजाति की तुलना में अधिक मजबूती से एसीई 2 से बंधा हुआ है।

मेलबर्न में ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के डेविड विंकलर प्रोफेसर ने कहा, मनुष्यों ने सबसे मजबूत स्पाइक बाइंडिंग दिखाया, जो वायरस के लिए उच्च संवेदनशीलता के अनुरूप है, लेकिन बहुत आश्चर्य की बात है कि अगर कोई जानवर मनुष्यों में संक्रमण का प्रारंभिक स्रोत था।

कंप्यूटर मॉडलिंग में पाया गया कि वायरस की चमगादड़ के एएसई2 प्रोटीन कोशिकाओं को बाइंड करने की क्षमता मानव के कोशिकाओं के सापेक्ष खराब थी। यह वायरस को सीधे चमगादड़ से मनुष्यों में प्रसारित होने के खिलाफ तर्क देता है।

इसके अलावा, कंप्यूटर मॉडलिंग ने दिखाया कि सार्स-सीओवी-2 वायरस भी पैंगोलिन से अपेक्षाकृत मजबूती से जुड़ा हुआ है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में पाया जाने वाला एक दुर्लभ विदेशी चींटी-भक्षी है। इसका कभी-कभार भोजन या पारंपरिक दवाओं के रूप में उपयोग किया जाता है।

विंकलर ने कहा कि पैंगोलिन के अध्ययन में उच्चतम स्पाइक बाइंडिंग ऊर्जा थी, यह चमगादड़, बंदरों और सांपों की तुलना में काफी अधिक मिला।

–आईएएनएस

आरएचए/आरजेएस

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