सीबीआई ने प्रणॉय राय, उनकी पत्नी पर मामला दर्ज किया (लीड-1)

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)| केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वरिष्ठ पत्रकार व न्यू दिल्ली टेलीविजन (एनडीटीवी) के सह संस्थापक प्रणॉय रॉय, उनकी पत्नी राधिका रॉय व कंपनी के सीईओ व निदेशक विक्रमादित्य चंद्रा के खिलाफ अज्ञात नौकरशाहों के धन को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के जरिए लेनदेन कर सूचीबद्ध प्रसारक में लाने को लेकर एक मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने सोमवार रात दर्ज प्राथमिकी में कहा कि एनडीटीवी अपने प्रमोटरों प्रणॉय राय, राधिका राय, के.वी.एल.नारायण राव (दिवंगत) व चंद्रा के जरिए एक आपराधिक साजिश का हिस्सा बना। इसमें कुछ अज्ञात नौकरशाह भी थे जिन्होंने अपने संदिग्ध धन को कंपनी में लगाया।

प्राथमिकी के अनुसार, एनडीटीवी को 8 सितंबर 1988 को निगमित किया गया और प्रणॉय राय, राधिका राय व नारायण केवीएल राव (सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी) इसके पूर्णकालिक निदेशक थे, जबकि विक्रमादित्य चंद्रा सीईओ-सह-पूर्णकालिक निदेशक थे।

प्राथमिकी में कहा गया, “मई 2004 से 2010 तक की अवधि के दौरान एनडीटीवी ने 32 सहायक फर्मो की स्थापना कम कर वाले देशों जैसे हालैंड, ब्रिटेन, दुबई, मलेशिया, मॉरीशस आदि में की। इनमें ज्यादातर कंपनियों में कोई व्यापारिक लेनदेन नहीं किया गया। इन्हें केवल विदेशों से फंड लाने के लिए बनाया गया था।”

प्राथमिकी में कहा गया है कि यह लेन-देन फर्जी ट्रांजैक्शन थे और निधि को अज्ञात नौकरशाहों द्वारा एनडीटीवी के जरिए निवेश किया गया और बाद में इसे फर्जी कंपनियों व विभिन्न स्तरों के जरिए भारत लाया गया।

सीबीआई ने मामले में 2016 में अज्ञात आयकर अधिकारियों व राय दंपति, नारायण राव व चंद्रा के किलाफ एक प्राथमिक जांच शुरू की।

एनडीटीवी ने लंदन में 30 नवंबर 2006 को नेटवर्क पीएलसी (एनएनपीएलसी) को भी निगमित किया था। एनएनपीएलसी ने 2 करोड़ डॉलर का निवेश 25,575 परिवर्तनीय तरजीही शेयरों के माध्यम से प्राप्त हुआ, जिसमें से 2558 शेयर फ्यूट मीडिया ने लिया और बदले में कंपनी ने साढ़े चार-पांच फीसदी हिस्सेदारी प्राप्त की। इसमें जेफरीज इंटरनेशनल के माध्यम से 10 करोड़ डॉलर फ्रेश फंड के जरिए जुटाए।

 

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