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साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र

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अमरावती, 27 नवंबर (आईएएनएस)। चक्रवात निवार के प्रभाव में आने से पहले ही हिंद महासागर और उससे सटे अंडमान सागर में एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन पनप रहा है, जिससे डिप्रेशन की स्थिति और तेज हो सकती है, जिसके बाद बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बन सकता है।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, एक चक्रवाती संचलन भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर पर है और यह समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है।

इसके प्रभाव के कारण, अगले 48 घंटों में दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

अधिकारी ने कहा, इसके अगले 24 घंटों के दौरान एक डिप्रेशन में केंद्रित होने की संभावना है और इसके बाद इसके तेज होने की संभावना है।

बुधवार तक डिप्रेशन के पश्चिम की ओर बढ़ते हुए तमिलनाडु और पुदुचेरी तटों तक पहुंचने की संभावना है, जो कि आंध्र प्रदेश से ज्यादा दूर नहीं है।

इस बीच, मौसम विभाग ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के गुंटूर और प्रकाशम जिलों में तेज हवाओं और गरज के साथ भारी बारिश होने का अनुमान लगाया है।

इसी तरह, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

हालांकि रविवार और सोमवार को बारिश का कोई अनुमान नहीं है। मगर इसके मंगलवार को फिर से शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।

मंगलवार को नेल्लोर और चित्तूर जिलों में तेज हवाओं और गरज के साथ कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।

इसी तरह, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और यानम के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

–आईएएनएस

एकेके/जेएनएस

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